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‘हिंदुस्तान में नहीं तो क्या पाकिस्तान में जीतेंगे…?’, एकनाथ शिंदे के बयान पर भड़के ओवैसी के नेता

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महाराष्ट्र निकाय चुनावों में अप्रत्याशित सफलता के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अब मध्य प्रदेश में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुट गई है। इसी कड़ी में खंडवा में आयोजित सदस्यता अभियान के दौरान AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बयान पर तीखा और सीधा हमला बोला। शिंदे ने हाल ही में AIMIM के बढ़ते प्रभाव को देश के लिए खतरा बताया था। इसी बयान को लेकर AIMIM नेताओं में नाराजगी देखने को मिली। मोहसिन अली ने कहा कि AIMIM भारत की पार्टी है और उसका हर कार्यकर्ता इसी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत चुनाव लड़ता है। खंडवा के मंच से दिए गए इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और AIMIM के इरादों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

‘हिंदुस्तान में नहीं लड़ेंगे तो क्या पाकिस्तान जाएंगे?’

मोहसिन अली ने एकनाथ शिंदे के बयान पर पलटवार करते हुए बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “अगर हमारे नौजवान हिंदुस्तान में चुनाव नहीं लड़ेंगे तो क्या पाकिस्तान जाकर लड़ेंगे? क्या बांग्लादेश, चीन या अफगानिस्तान में जाकर जीत हासिल करेंगे?” उनका कहना था कि AIMIM पूरी तरह से भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाली पार्टी है। उन्होंने साफ कहा कि देश के हर नागरिक को चुनाव लड़ने और राजनीति में भाग लेने का अधिकार है। मोहसिन अली ने यह भी जोड़ा कि AIMIM को देश के लिए खतरा बताना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह लोकतंत्र की भावना के भी खिलाफ है। इस बयान के बाद खंडवा में मौजूद AIMIM कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिला और कार्यक्रम पूरी तरह सियासी रंग में रंग गया।

शिंदे पर निजी और राजनीतिक हमला

अपने भाषण के दौरान मोहसिन अली यहीं नहीं रुके। उन्होंने एकनाथ शिंदे के राजनीतिक सफर पर भी सवाल उठाए। AIMIM नेता ने कहा कि शिंदे वह नेता हैं, जिनकी राजनीतिक निष्ठा समय-समय पर बदलती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले बालासाहेब ठाकरे के साथ रहकर कांग्रेस का विरोध किया गया, फिर सत्ता के लिए उसी कांग्रेस के साथ सरकार बनाई गई और बाद में भाजपा के साथ मिलकर सत्ता संभाल ली गई। मोहसिन अली ने कहा कि ऐसे नेता दूसरों पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। उन्होंने शिंदे की मानसिकता पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता पर सवाल उठाने से पहले नेताओं को अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए। यह बयान राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

मध्य प्रदेश पर AIMIM की नई रणनीति

महाराष्ट्र में मिली सफलता के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की नजर अब मध्य प्रदेश पर टिकी हुई है। खंडवा में चलाया गया सदस्यता अभियान इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। AIMIM का दावा है कि राज्य के अल्पसंख्यक, पिछड़े और वंचित वर्गों के बीच पार्टी को लगातार समर्थन मिल रहा है। मोहसिन अली ने कहा कि “हिंदुस्तान का हर एक बाशिंदा इसी देश में लड़ेगा और यहीं जीतेगा।” उनका कहना था कि AIMIM किसी देश विरोधी सोच के साथ नहीं, बल्कि संविधान के दायरे में रहकर राजनीति करती है। खंडवा जैसे क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की कोशिश यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में AIMIM मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में है। शिंदे के बयान के बाद दिया गया यह जवाब AIMIM की आक्रामक रणनीति को साफ तौर पर दर्शाता है।

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