उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक ट्रेन के लोको पायलट इंजन से उतरकर सब्जी खरीदने चला गया, जिसके कारण रेलवे फाटक करीब 15 मिनट तक बंद रहा। यह वीडियो इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया गया है, जहां इसे हजारों लोग देख चुके हैं। वीडियो बनाने वाला राहगीर यह कहते हुए सुनाई देता है कि “सब्जी लेने के लिए 15 मिनट से फाटक बंद है”, जिससे आम लोगों की परेशानी साफ झलकती है। हालांकि, अभी तक इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि किसी समाचार संस्था या रेलवे प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।
लहरपुर मार्ग बताया जा रहा है स्थान
वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह घटना सीतापुर के लहरपुर मार्ग की है। वीडियो में रेलवे फाटक बंद नजर आ रहा है और दोनों ओर वाहनों की कतार लगी दिखाई देती है। राह चलते लोग, बाइक सवार और अन्य वाहन चालक फाटक खुलने का इंतजार करते नजर आते हैं। इसी दौरान ट्रेन का इंजन पास में खड़ा बताया जा रहा है। वीडियो के अनुसार, लोको पायलट के इंजन से उतरने और सब्जी लेने जाने की वजह से फाटक बंद रखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल यातायात को बाधित करती हैं, बल्कि आपात स्थिति में गंभीर खतरा भी पैदा कर सकती हैं।
रेलवे नियमों और जिम्मेदारी पर सवाल
इस वीडियो के सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। रेलवे नियमों के अनुसार, ट्रेन संचालन के दौरान लोको पायलट का इंजन छोड़कर इस तरह निजी कार्य के लिए जाना गंभीर लापरवाही मानी जाती है। रेलवे फाटक बंद रहने से न सिर्फ आम जनता को परेशानी होती है, बल्कि एंबुलेंस, स्कूल वाहन और जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
प्रशासनिक जांच की मांग तेज
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले की जांच की मांग उठने लगी है। लोग चाहते हैं कि वीडियो की सत्यता की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि वास्तव में लोको पायलट सब्जी लेने गया था या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं, कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो को बिना पुष्टि के सच मान लेना उचित नहीं है। फिलहाल, यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें रेलवे प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
