UP News: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा के लिए एक छोटी सी नाराजगी जिंदगी भर का नासूर बन गई। पढ़ाई को लेकर मां की डांट से दुखी होकर वह बिना बताए नोएडा में रहने वाले अपने चचेरे भाई के पास जाने के लिए निकली थी। लेकिन 4 अगस्त 2026 की रात नोएडा में हुई तेज बारिश और घने अंधेरे के कारण रास्ता भटक गई और गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई। सुनसान सड़क पर खुद को अकेला पाकर जब उसने दिल्ली की ओर आ रही एक स्लीपर बस को रुकवाया, तो कंडक्टर ने झूठ बोलकर उसे सेक्टर-63 ले जाने का झांसा दिया। मासूम लड़की को अंदाजा भी नहीं था कि बस के दरवाजे बंद होते ही वह दरिंदों के चंगुल में फंसने जा रही है।
सवारी एक भी नहीं, खिड़कियों पर पर्दे: 47 KM तक चलती रही खौफ की गाड़ी
बस में कदम रखते ही छात्रा के होश उड़ गए; अंदर एक भी यात्री नहीं था। बस जैसे ही परी चौक से कश्मीरी गेट की ओर बढ़ी, चालक और कंडक्टर का नीच चेहरा सामने आ गया। चलती बस की खिड़कियों पर लगे भारी पर्दों का फायदा उठाकर दोनों ने नाबालिग के साथ बारी-बारी से घिनौना काम किया। पीड़ित लड़की जब चीखी और विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी देकर खामोश करा दिया। ग्रेटर नोएडा से कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर लंबे सफर के दौरान बस लगातार दौड़ती रही और अंदर एक बेबस बच्ची दरिंदगी का शिकार होती रही।
रिंग रोड पर फेंक कर भागे आरोपी, कश्मीरी गेट पुलिस ने ऐसे दबोचा
हैवानियत की हद पार करने के बाद देर रात जब बस दिल्ली सीमा में दाखिल हुई, तो आरोपियों ने कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास रिंग रोड पर पीड़िता को फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। रोती-बिलखती पीड़ित छात्रा ने जैसे-तैसे मदद जुटाई और पुलिस तक पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की और स्पेशल टीमें गठित कीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और रूट ट्रैकिंग के जरिए दोनों आरोपी चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इस्तेमाल की गई स्लीपर बस को भी जब्त कर कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है।
राजधानी में फिर उठे सुरक्षा पर सवाल
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर दिल्ली और एनसीआर में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। परी चौक से लेकर कश्मीरी गेट तक 47 किलोमीटर के रास्ते पर कई पुलिस चेकिंग पॉइंट्स और टोल आते हैं, लेकिन पर्दों से ढकी चलती बस में हो रहे इस संगीन अपराध का किसी को सुराग तक नहीं लगा। इस कांड ने एक बार फिर निर्भया कांड की कड़वी यादों को ताजा कर दिया है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है और कोर्ट में कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए पुख्ता सबूत जुटा रही है।
