अगर आपका किसी बैंक में सेविंग अकाउंट नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप उस बैंक का क्रेडिट कार्ड नहीं ले सकते। कई बैंक ऐसे ग्राहकों को भी क्रेडिट कार्ड देते हैं, जिनका उनके यहां कोई बैंक खाता नहीं है। हालांकि, कार्ड जारी करने से पहले बैंक आवेदक की आय, नौकरी या कारोबार, क्रेडिट स्कोर और भुगतान क्षमता जैसी कई चीजों की जांच करता है। इसलिए बिना बैंक अकाउंट के क्रेडिट कार्ड मिलना संभव है, लेकिन इसके लिए बैंक की पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी होता है।
बैंक अकाउंट से ज्यादा इन चीजों पर होता है ध्यान
क्रेडिट कार्ड के आवेदन को मंजूर करने से पहले बैंक यह देखता है कि आवेदक की नियमित आमदनी है या नहीं और वह समय पर बिल का भुगतान कर सकता है या नहीं। इसके साथ ही क्रेडिट स्कोर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर किसी व्यक्ति का क्रेडिट रिकॉर्ड अच्छा है और उसकी आय बैंक की तय सीमा के मुताबिक है, तो उसके आवेदन पर विचार किया जा सकता है। बैंक अपनी आंतरिक नीतियों के आधार पर आय, रोजगार और दस्तावेजों की जांच करने के बाद क्रेडिट लिमिट तय करता है।
क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है तो FD बन सकती है आधार
जिन लोगों ने पहले कभी लोन या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है, उनकी क्रेडिट हिस्ट्री उपलब्ध नहीं होती। ऐसे ग्राहकों के लिए कुछ बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के बदले सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड की सुविधा देते हैं। इसमें ग्राहक की FD सुरक्षा के तौर पर रखी जाती है और उसके आधार पर कार्ड की क्रेडिट लिमिट तय की जा सकती है। इस तरह कार्ड का इस्तेमाल करके ग्राहक समय पर भुगतान करने की आदत बना सकता है, जिससे भविष्य में उसकी क्रेडिट हिस्ट्री तैयार होने में मदद मिल सकती है। हालांकि, FD आधारित कार्ड की शर्तें बैंक के अनुसार अलग हो सकती हैं।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय आमतौर पर पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज मांगे जाते हैं। इनमें पैन कार्ड, आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान प्रमाण, एड्रेस प्रूफ और आय से जुड़े दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों से सैलरी स्लिप या बैंक स्टेटमेंट और कारोबार करने वालों से आय से जुड़े अन्य दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। ध्यान रखें कि हर बैंक की पात्रता और दस्तावेजों की जरूरत अलग हो सकती है। आवेदन करने से पहले बैंक की ब्याज दर, सालाना फीस, लेट पेमेंट चार्ज और अन्य शुल्कों की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
Prepaid Card को Credit Card समझने की न करें गलती
प्रीपेड कार्ड और क्रेडिट कार्ड एक जैसे नहीं होते। प्रीपेड कार्ड में ग्राहक पहले से पैसे लोड करता है और उसी राशि को खर्च कर सकता है। इसमें बैंक आपको उधार की रकम नहीं देता। वहीं क्रेडिट कार्ड में बैंक एक तय लिमिट तक खर्च करने की सुविधा देता है, जिसका भुगतान बाद में करना होता है। क्रेडिट कार्ड का जिम्मेदारी से इस्तेमाल और समय पर बिल भुगतान क्रेडिट प्रोफाइल के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसलिए कार्ड लेने से पहले अपनी भुगतान क्षमता का आकलन करना जरूरी है और उतना ही खर्च करना चाहिए, जितना समय पर चुकाया जा सके।
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