Vrindavan News: उत्तर प्रदेश के वृंदावन से मंगलवार रात एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। चेतन विहार इलाके में स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम के पांच छात्र पानी के टैंक की सफाई करने के लिए उसके अंदर उतरे थे। बताया जा रहा है कि टैंक करीब 12 फीट गहरा था और उसमें काफी समय से बदबू आ रही थी। सफाई के दौरान अचानक छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी। आशंका है कि टैंक के अंदर जहरीली गैस बनी हुई थी, जिसकी चपेट में आने से छात्र बेहोश हो गए। घटना के बाद गुरुकुल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
एक छात्र बेहोश हुआ तो बाकी भी नीचे उतर गए
बताया गया कि सबसे पहले एक छात्र टैंक के भीतर गया था। कुछ देर बाद जब उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो दूसरे छात्रों ने उसे देखने की कोशिश की। इसके बाद एक-एक करके चार अन्य छात्र भी टैंक के अंदर चले गए। कुछ ही देर में वे भी बेहोश होकर गिर पड़े। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा और छात्रों को टैंक से बाहर निकाला गया। सभी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में रुद्राक्ष नाम का छात्र बच गया, हालांकि उसकी हालत को लेकर भी शुरुआती तौर पर गंभीरता बताई गई थी।
चार परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान मनु कटारे (20), देवांश (17), विशु (18) और आर्यन (18) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक मनु और देवांश मध्य प्रदेश के जबलपुर और विदिशा के रहने वाले थे। वहीं आर्यन कौशांबी और विशु मेरठ के निवासी थे। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी ने घटनास्थल का जायजा लिया और छात्रों से घटना के बारे में जानकारी ली। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
जहरीली गैस बनी वजह या लापरवाही? जांच में खुलेगा राज
प्रशासन की शुरुआती जांच में टैंक के भीतर जहरीली गैस की मौजूदगी की आशंका जताई गई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह और इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गुरुकुल का संचालन किस तरह किया जा रहा था और छात्रों को बिना सुरक्षा इंतजाम के टैंक में क्यों उतारा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लिया है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि हादसे की पूरी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
