उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। पिपरी थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव में पटाखा बनाने के दौरान एक घर/गोदाम में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। कुछ ही पल में मौके पर चीख-पुकार मच गई। कौशांबी के जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा ने हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि की है। कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। विस्फोट के बाद आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा और कुछ इमारतें पूरी तरह ढह गईं। गांव के लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
कई मकान धराशायी, मलबे में दबे लोगों की तलाश
बताया जा रहा है कि महमदपुर गांव प्रयागराज और कौशांबी की सीमा के पास है। गांव की आबादी से कुछ दूरी पर पटाखा तैयार करने का काम किया जा रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मनौरी निवासी पटाखा कारोबारी आदिल उर्फ वकील ने चिल्लाशहबाजी गांव के पास एक गोदाम बना रखा था। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे यहां अचानक विस्फोट हुआ और इसके बाद एक के बाद एक धमाके होने लगे। तेज धमाकों के कारण गोदाम का भवन पूरी तरह जमींदोज हो गया। आसपास के करीब 5 से 7 मकान भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त या धराशायी हो गए। धमाके के बाद इलाके में धुएं का गुबार छा गया और आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को खाली कराते हुए राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
फायर ब्रिगेड और एयरफोर्स की टीमें रेस्क्यू में जुटीं
घटना की सूचना मिलते ही कौशांबी और प्रयागराज से पुलिस व प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग पर काबू पाने के लिए 5 से ज्यादा फायर ब्रिगेड वाहनों को लगाया गया है, जबकि मलबा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है। पुलिस और एयरफोर्स के जवान भी राहत-बचाव अभियान में शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल मनौरी एयरफोर्स स्टेशन के काफी नजदीक है, इसलिए सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मौके पर एडीजी ज्योति नारायण, आईजी अजय पाल सिंह, डीएम अमित पाल शर्मा और एसपी सत्यनारायण प्रजापति समेत कई अधिकारी मौजूद हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट आखिर किन परिस्थितियों में हुआ और वहां पटाखा बनाने का काम किस तरह किया जा रहा था। मलबे की तलाशी पूरी होने के बाद ही हादसे में हुए कुल नुकसान की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
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