Homeउत्तर प्रदेशसीएम योगी और गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी देने...

सीएम योगी और गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला कौन निकला? पुलिस की जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

सीएम योगी आदित्यनाथ और गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले की पहचान पुलिस ने 24 घंटे में कर ली। जांच में सामने आया कि कॉल करने वाला 15 वर्षीय नाबालिग था। जानिए पूरा मामला।

-

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, डायल 112 पर एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मंदिर को निशाना बनाने की धमकी दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को तुरंत जांच में लगाया गया। कॉल करने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी मदद ली गई और 24 घंटे के भीतर पुलिस उस तक पहुंच गई।

जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

पुलिस की जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। पूछताछ में पता चला कि धमकी देने वाला कोई संगठित अपराधी नहीं, बल्कि कुशीनगर जिले का 15 वर्षीय नाबालिग है। पुलिस के अनुसार, किशोर मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि वह पहले भी इसी तरह की हरकत कर चुका है। वर्ष 2025 में उसने अयोध्या धाम को बम से उड़ाने की धमकी देने का मामला भी सामने आया था। पुलिस ने उसकी पूरी पृष्ठभूमि की जांच की, जिसमें पता चला कि उसकी मां का निधन हो चुका है और वह अपने पिता से अलग रहकर अपनी बुजुर्ग दादी के साथ रहता है।

दादी का मोबाइल लेकर किया था डायल 112 पर फोन

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना वाली रात किशोर ने अपनी दादी से यह कहकर मोबाइल लिया कि उसे अंधेरे में टॉर्च जलाकर बाहर जाना है। दादी ने भरोसा करके उसे फोन दे दिया। इसी दौरान उसने डायल 112 पर कॉल कर धमकी दे दी। पुलिस के अनुसार, उस समय वह नशे की हालत में था। कॉल की लोकेशन और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने अगले ही दिन उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने उसके परिवार और परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।

फर्जी धमकियों को भी गंभीरता से लेती है पुलिस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की धमकी, चाहे वह मजाक में दी गई हो या झूठी साबित हो, उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। ऐसी सूचनाओं पर सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ती है, जिससे समय और संसाधनों का बड़ा इस्तेमाल होता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाओं का गलत इस्तेमाल न करें। साथ ही अभिभावकों से भी कहा गया है कि वे बच्चों की गतिविधियों और मोबाइल के इस्तेमाल पर नजर रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। पुलिस ने साफ किया कि सुरक्षा से जुड़े हर इनपुट की गंभीरता से जांच की जाती है और किसी भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाती।

Read More-‘हां, लापरवाही तो हुई है…’ राम मंदिर दान विवाद में चंपत राय पर क्यों फूटा अपनों का ही गुस्सा? जानिए अंदर की पूरी कहानी!

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts