उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में शुक्रवार को ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। ब्रजघाट स्थित श्मशान घाट पर चार लोग अंतिम संस्कार करने के लिए पहुंचे थे। उनके हाथ में एक शव की तरह लिपटा हुआ पैकेट था, जिसे देखकर किसी को शक नहीं हुआ। उन्होंने बाकायदा चिता सजाई, लकड़ी लगाई और पूरा माहौल वैसे ही तैयार किया जैसे किसी असली अंतिम संस्कार के समय होता है। लेकिन जैसे ही चिता पर लिपटा हुआ पैकेट रखा गया और लोगों ने करीब से देखा, सबके होश उड़ गए—वह कोई असली लाश नहीं, प्लास्टिक का पुतला था!
मौके पर मौजूद लोगों को तुरंत लगा कि मामला सामान्य नहीं है। किसी को लगा कि शायद यह किसी अपराध को छुपाने की कोशिश है या किसी तरह की फर्जीवाड़ा योजना। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और कुछ ही मिनटों में गढ़मुक्तेश्वर पुलिस श्मशान घाट पहुंच गई। जिसने भी यह दृश्य देखा वह यही पूछता रहा—आखिर कोई प्लास्टिक की लाश का अंतिम संस्कार क्यों करेगा?
प्रत्यक्षदर्शियों की कहानी
श्मशान घाट पर मौजूद दुकानदार नितिन ने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी। उन्होंने बताया कि हरियाणा नंबर की एक कार से चार युवक उतरे। उनके हाथ में सफेद कपड़े में लिपटा हुआ एक पुतला था, जिसे देखकर लोगों को लगा कि कोई शव है। चारों युवक बहुत तेजी और आत्मविश्वास से चिता की तैयारी करने लगे, जिससे लगा कि यह सामान्य अंतिम संस्कार है। लेकिन जब उन्होंने पुतले को चिता पर रखने की कोशिश की, तभी उसका अजीब सा वजन और आकार देखकर शक बढ़ गया। कुछ लोगों ने पास जाकर देखा तो समझ आया कि वह असली शव नहीं, बल्कि एक प्लास्टिक का मानवाकार पुतला है। इस पर लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
जैसे ही चारों से सवाल पूछे जाने लगे, उनमें से दो लोग घबराने लगे और अलग-अलग जवाब देने लगे। पुलिस के आने से पहले भीड़ का फायदा उठाकर दो लोग वहां से भाग गए, जबकि दो को मौके पर ही पकड़ लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह मामला किसी बड़े रहस्य से जुड़ा लग रहा है, क्योंकि इतनी तैयारी और शव जैसे पुतले को लेकर चलना किसी सामान्य व्यक्ति का काम नहीं हो सकता।
पुलिस की शुरुआती जांच
पकड़े गए दोनों लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब तक की जानकारी के अनुसार, यह साफ नहीं हो पाया है कि प्लास्टिक का पुतला किस उद्देश्य से चिता पर रखा गया था। क्या यह किसी बीमा फ्रॉड, पहचान छुपाने, अपराध के सबूत मिटाने, या किसी और बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था—सब संभावनाएँ जांच के घेरे में हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी अपने दो फरार साथियों के साथ किसी असली शव को छुपाने या किसी केस से बचने के लिए यह नाटक कर रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए दोनों आरोपी लगातार बयान बदल रहे हैं, जिससे शक और गहरा हो रहा है। शव का न होना और उसकी जगह पुतला लाया जाना कई तरह के संदेह पैदा करता है। खासकर यह कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया का इस्तेमाल क्यों और कैसे किया गया? पुलिस टीम आसपास के सीसीटीवी फुटेज, गाड़ी के नंबर और आरोपियों की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि पूरे मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ी जा सके।
स्थानीय लोगों में चर्चा
घटना ने ब्रजघाट के पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएँ छेड़ दी हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह किसी फिल्म की शूटिंग या प्रैक्टिस जैसा मामला हो सकता है, जबकि दूसरे इसे किसी बड़े अपराध की तैयारी बता रहे हैं।
स्थानीय लोगों को सबसे अधिक हैरानी इस बात की है कि अगर कोई सिर्फ पुतला जलाना चाहता था, तो उसे अंतिम संस्कार की परंपरा के अनुसार चिता बनाकर क्यों जलाने आया? यह सारी तैयारी देखते हुए साफ लगता है कि आरोपी हर कदम सोचे-समझे तरीके से उठा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, यह केवल एक मज़ाक या सामान्य घटना नहीं है। इस तरह का प्रयास कई गंभीर कानूनी संदेह पैदा करता है—जैसे किसी व्यक्ति को मृत दिखाकर बीमा क्लेम करना, किसी गुमशुदा व्यक्ति की फर्जी मौत दिखाना या किसी अपराध को छुपाना। इसलिए जांच के बाद ही असली वजह सामने आएगी।
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