उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पुलिस व्यवस्था और सामाजिक रिश्तों दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाली थाना परिसर के अंदर सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी को गोली मार दी। यह घटना किसी सुनसान जगह पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिससे हर कोई हैरान रह गया। मृतका की पहचान रमापुर अटरिया निवासी 35 वर्षीय सोनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोनी पांच दिन पहले अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई थी, जिसके बाद पति अनूप ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला को तलाश कर लिया और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे थाने लाया गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि थाना परिसर ही उसकी आखिरी जगह बन जाएगा।
प्रेम प्रसंग से हत्या तक का सफर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के अनूप और सोनी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। सोनी के प्रेम संबंधों की जानकारी अनूप को पहले से थी, जिससे परिवार में तनाव बना हुआ था। पांच दिन पहले सोनी का अचानक प्रेमी के साथ घर से चले जाना अनूप को अंदर तक झकझोर गया। शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि सोनी घर से जेवरात और करीब 35 हजार रुपये नकद भी ले गई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को खोज निकाला और सोमवार को अदालत में पेश करने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच एक महिला आरक्षी सोनी को थाना परिसर स्थित भोजनालय में खाना खिलाने के लिए ले जा रही थी। तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे अनूप ने मौका देखकर पीछे से पत्नी पर गोली चला दी। अचानक हुई इस वारदात ने पूरे थाना परिसर को दहला दिया।
गोली की आवाज और मचा हड़कंप
जैसे ही गोली चली, सोनी लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। गोली की आवाज सुनते ही थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और आम लोगों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घायल महिला को जिला हरदोई जिले के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी अनूप अपने एक साथी के साथ भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर दोनों को मौके से ही पकड़ लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। इस घटना के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई। लोग यह सवाल करने लगे कि जब थाना परिसर में इस तरह की घटना हो सकती है, तो आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं।
पुलिस महकमे में हलचल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, अपर पुलिस अधीक्षक एम.पी. सिंह और क्षेत्राधिकारी आलोक राजनरायन समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक सामने आई है। इसी लापरवाही को देखते हुए मामले के विवेचक और एक महिला आरक्षी को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई और दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। यह मामला सिर्फ एक हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि पारिवारिक विवाद, प्रेम प्रसंग और गुस्सा जब नियंत्रण से बाहर हो जाए, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है। हरदोई थाना हत्या कांड ने पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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