उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही राजधानी लखनऊ का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इसी बीच बुधवार को एक ऐसी मुलाकात हुई जिसने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की। शंकराचार्य इन दिनों उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के दौरे पर हैं। जैसे ही वे लखनऊ पहुंचे, अखिलेश यादव प्रोटोकॉल और औपचारिकताएं छोड़कर खुद उनके ठहराव स्थल पर जा पहुंचे। वहाँ सपा प्रमुख ने शंकराचार्य के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी देर तक गंभीर मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही सत्ता के गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
‘नया मुख्यमंत्री ही करेगा चोरों का इलाज’ – शंकराचार्य का योगी सरकार पर सीधा वार
इस मुलाकात के बाद जो बयान सामने आए, उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में जैसे बारूद का काम किया है। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर जब मीडिया ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘कार्रवाई होगी’ वाले बयान पर सवाल पूछा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए बेहद तीखा तंज कसा। शंकराचार्य ने सीधे शब्दों में कहा, “कार्रवाई तो जरूर होगी, लेकिन तब होगी जब तुम मुख्यमंत्री नहीं रहोगे।” उन्होंने आगे दावा किया कि उत्तर प्रदेश में जब नया मुख्यमंत्री सत्ता में आएगा, तब वह इन चोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाएगा। शंकराचार्य का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि कुंभ मेले के दौरान स्नान को लेकर प्रशासन के साथ हुए विवाद के बाद से ही शंकराचार्य और मौजूदा सरकार के बीच रिश्ते तल्ख रहे हैं और इस बयान ने उस कड़वाहट को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।
‘इतनी बार अयोध्या गए, फिर भी चोरी नहीं रोक पाए’ – अखिलेश यादव का तंज
शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने के बाद अखिलेश यादव भी पूरी तरह से हमलावर मूड में नजर आए। उन्होंने विशेष रूप से गौ माता के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया। अखिलेश ने कहा कि शंकराचार्य जी देश में गायों की दुर्दशा को लेकर बेहद चिंतित हैं और उन्हें ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन भाजपा के लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए लगातार अपने सिद्धांतों को बदलते रहते हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया अयोध्या दौरे पर चुटकी लेते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “मुख्यमंत्री जी इतनी बार अयोध्या जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वे वहां के चढ़ावा चोरी विवाद को नहीं पकड़ पाए। अब उनके बार-बार वहां जाने से क्या फायदा होने वाला है? अब तो हालात ये हैं कि अयोध्या में जेबकतरे भी पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं।”
यूपी चुनाव से ठीक पहले ‘संत और समाजवाद’ की जुगलबंदी के मायने
उत्तर प्रदेश में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सनातन धर्म के शीर्ष गुरुओं में शामिल शंकराचार्य और राज्य के मुख्य विपक्षी नेता अखिलेश यादव के बीच बढ़ती नजदीकियां बेहद अहम मानी जा रही हैं। शंकराचार्य इन दिनों पूरे प्रदेश में ‘गौ माता’ को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ यात्रा कर रहे हैं और वे सपा के गढ़ सैफई और मैनपुरी का भी दौरा कर चुके हैं। राजनीति के जानकारों का मानना है कि भाजपा के कोर हिंदुत्व के एजेंडे के सामने शंकराचार्य के इस तीखे तेवर और अखिलेश यादव के साथ उनकी जुगलबंदी से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। संतों के एक धड़े की यह नाराजगी और विपक्ष का हमला आगामी चुनावों में सत्ताधारी दल के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर सकता है।
Read more-एक बेटी की थी उम्मीद, लेकिन डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने सुनाई ऐसी खबर कि परिवार रह गया दंग
