उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में नकली सामान के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसने बाजार में भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। यहां कुछ लोग देश की नामी कंपनियों के ब्रांड नाम का दुरुपयोग कर नकली उत्पादों को असली बताकर बेच रहे थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कंपनी प्रतिनिधियों के साथ मिलकर छापेमारी की, जिसमें टाटा, पिडिलाइट, रेकिट और पतंजलि जैसे बड़े ब्रांड के नकली उत्पाद बरामद किए गए। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि ये सभी उत्पाद आम लोगों के रोजमर्रा के इस्तेमाल से जुड़े हुए हैं और नकली सामान से स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों को खतरा हो सकता है।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
यह पूरा मामला तब सामने आया जब स्पीड सर्च एंड सिक्योरिटी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के जांच अधिकारी शिवम गुप्ता ने गोरखनाथ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि एक आपूर्तिकर्ता क्षेत्र में Tata Consumer Products Limited, Pidilite Industries Limited, Reckitt Benckiser India Limited और Patanjali Ayurved Limited के नकली उत्पादों को असली बताकर सप्लाई कर रहा है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों को साथ लेकर ललितापुरम, राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित एक गोदाम पर छापेमारी की। मौके पर पुराना गोरखपुर के विजयनगर निवासी दिनेश कुमार दासवानी मिला, जिसने खुद को गोदाम का संचालक बताया।
लाखों का नकली माल बरामद, 16 बोरियों में सील
छापेमारी के दौरान गोदाम से भारी मात्रा में नकली उत्पाद बरामद किए गए। पुलिस और कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मौके पर ही जांच शुरू की और हर ब्रांड के कुछ नमूनों को अलग-अलग जांच के लिए सुरक्षित किया गया। बाकी नकली सामान को 16 बोरियों में भरकर सील कर दिया गया है। तुलना के लिए कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराए गए असली उत्पादों को भी अलग से सील कर कब्जे में लिया गया है, ताकि जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जा सके कि नकली और असली उत्पादों में क्या फर्क है। शुरुआती जांच में बरामद माल की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
FIR दर्ज, पूछताछ में जुटी पुलिस
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने गोदाम संचालक दिनेश कुमार दासवानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नकली सामान कहां से तैयार किया जा रहा था और इसे किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जा चुका है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि नकली सामान का यह नेटवर्क अगर समय रहते नहीं पकड़ा जाता तो आम उपभोक्ताओं को बड़ा नुकसान हो सकता था। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद इस पूरे गिरोह पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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