उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र की हिन्द नगर कॉलोनी में पली-बढ़ी मेनका सोनी ने वह मुकाम हासिल किया है, जिस पर आज पूरा शहर गर्व महसूस कर रहा है. सामान्य भारतीय परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली मेनका सोनी अब अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के रेडमंड शहर की सिटी काउंसिल मेंबर चुनी गई हैं. इस पद पर पहुंचने वाली वह पहली प्रवासी भारतीय-अमेरिकी महिला बन गई हैं. यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि उन हजारों भारतीय महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो विदेश में रहते हुए भी अपनी पहचान और मूल्यों को बनाए रखना चाहती हैं. मेनका की यह यात्रा बताती है कि अगर सोच स्पष्ट हो और मेहनत लगातार हो, तो सीमाएं भी रास्ता नहीं रोक पातीं.
भगवद्गीता लेकर ली शपथ
दो दिसंबर को अमेरिका में हुए शपथ ग्रहण समारोह में मेनका सोनी ने जो किया, वह खास बन गया. उन्होंने भारतीय परंपरा को अपनाते हुए पारंपरिक भारतीय पोशाक में भगवद्गीता हाथ में लेकर शपथ ली. यह दृश्य सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों का वैश्विक मंच पर सशक्त प्रदर्शन था. मेनका का कहना है कि उन्हें भारतीय दर्शन और मान्यताओं से गहरा लगाव है, जिसे उन्होंने विदेश जाकर भी कभी नहीं छोड़ा. शपथ समारोह में मौजूद लोगों के लिए यह पल बेहद भावुक और प्रेरणादायक था. यह संदेश साफ था कि आधुनिक जिम्मेदारियों के साथ भी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा रहा जा सकता है.
अमेरिका में भारतीय संस्कृति की मजबूत पहचान
मेनका सोनी केवल एक जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि अमेरिका में भारतीय संस्कृति की सक्रिय प्रतिनिधि भी हैं. उन्होंने प्रेस से बातचीत में बताया कि वे अमेरिका में रहते हुए भी भारतीय त्योहार पूरे उत्साह से मनाती हैं. होली और दीपावली जैसे पर्व वे अमेरिकी नागरिकों के साथ मिलकर मनाती हैं, ताकि भारतीय संस्कृति की खुशबू वहां भी फैल सके. मेनका के अनुसार, एक बार होली के कार्यक्रम में करीब 15 हजार लोग शामिल हुए थे, जो इस बात का प्रमाण है कि भारतीय संस्कृति को लेकर वहां कितनी उत्सुकता है. वे चाहती हैं कि आने वाली पीढ़ी भारतीय मूल्यों को जाने, समझे और गर्व के साथ अपनाए. उनके प्रयासों से अमेरिका में भारत की सांस्कृतिक छवि और मजबूत होती जा रही है.
लखनऊ में जोरदार स्वागत
गुरुवार की शाम जब मेनका सोनी लखनऊ पहुंचीं, तो उनका स्वागत किसी सम्मान समारोह से कम नहीं था. स्थानीय लोगों, समाजसेवियों और परिचितों ने फूल-मालाओं और शुभकामनाओं के साथ उनका अभिनंदन किया. इस दौरान मेनका ने कहा कि लखनऊ उनकी पहचान और संस्कारों की भूमि है, जहां से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अमेरिका में रहने वाली भारतीय मूल की महिलाओं के लिए विशेष रूप से काम करना चाहती हैं. उनका लक्ष्य महिलाओं को नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है. मेनका का मानना है कि जब महिलाएं मजबूत होती हैं, तो समाज अपने आप मजबूत बनता है. उनका यह संकल्प आने वाले समय में कई नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है.
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