उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। नगराम थाना क्षेत्र के कुबहरा गांव के पास एक सरसों के खेत में महिला का नरकंकाल मिलने की सूचना जैसे ही सामने आई, गांव में अफरा-तफरी मच गई। खेत में काम करने पहुंचे ग्रामीणों ने जब कंकाल देखा, तो तुरंत पुलिस को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कंकाल क्षत-विक्षत हालत में था और उसके पास एक साड़ी भी पड़ी हुई थी। शुरुआत में यह साफ नहीं हो पाया कि कंकाल कितने समय पुराना है और वह किसका है, लेकिन जैसे ही गांव के ही रहने वाले पीतांबर मौके पर पहुंचे, कहानी ने गंभीर मोड़ ले लिया। पीतांबर ने दावा किया कि कंकाल के पास पड़ी साड़ी उसकी पत्नी पूनम की है, जो काफी समय से लापता थी। इस दावे के बाद यह मामला सिर्फ एक अज्ञात कंकाल का न रहकर, एक संभावित हत्या या रहस्यमयी मौत की जांच में बदल गया।
लापता महिला पूनम और पति का दावा
पुलिस के मुताबिक, 30 वर्षीय पूनम कुबहरा गांव की रहने वाली थी और अपने पति पीतांबर व दो बच्चों के साथ रहती थी। पूनम के लापता होने की शिकायत 13 दिसंबर 2025 को उसके पति ने नगराम थाने में दर्ज करवाई थी। उस समय पुलिस ने महिला की तलाश भी की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। अब चौंकाने वाली बात यह है कि जिस खेत से कंकाल मिला है, वह पूनम के ससुराल से महज 300 मीटर की दूरी पर है। पीतांबर का कहना है कि जो साड़ी कंकाल के पास मिली है, वह उसकी पत्नी रोजमर्रा में पहनती थी और वह उसे पहचानता है। पति का यह भी कहना है कि अगर साड़ी पूनम की है, तो कंकाल भी उसी का होना चाहिए। हालांकि पुलिस साफ कर रही है कि अभी इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है और केवल साड़ी के आधार पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता। फिलहाल पूनम के परिजन सदमे में हैं और गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
जांच में सामने आए घरेलू विवाद के संकेत
पुलिस की शुरुआती जांच में पूनम की निजी जिंदगी से जुड़े कुछ अहम पहलू सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पूनम के लापता होने से करीब दो महीने पहले उसके पति पीतांबर ने उसका मोबाइल फोन अपने पास रख लिया था। पति का आरोप था कि पूनम पड़ोस के एक युवक से बातचीत करती थी, जिसे लेकर घर में तनाव रहने लगा था। बताया जा रहा है कि मोबाइल छीने जाने के बाद पूनम काफी परेशान रहने लगी थी और गांव में भी कम दिखने लगी थी। इसके कुछ समय बाद ही वह अचानक लापता हो गई। हालांकि पुलिस इस बात को अभी किसी निष्कर्ष के तौर पर नहीं देख रही है, लेकिन इसे जांच के एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में जरूर माना जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पूनम लापता होने के बाद कहां गई, क्या वह खुद घर छोड़कर गई या उसके साथ कुछ अनहोनी हुई। इन सवालों के जवाब अब कंकाल की पहचान और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
फॉरेंसिक जांच, डीएनए टेस्ट और पुलिस की अगली कार्रवाई
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाया। डीसीपी निपुण अग्रवाल के मुताबिक, 7 जनवरी 2026 को स्थानीय निवासी चंद्रप्रकाश ने खेत में कंकाल पड़े होने की सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके को घेर लिया और साक्ष्य जुटाए। कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और उसकी डीएनए जांच भी करवाई जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि कंकाल वास्तव में पूनम का ही है या किसी और महिला का। पुलिस का कहना है कि जब तक पोस्टमॉर्टम और डीएनए रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक किसी भी तरह का दावा करना जल्दबाजी होगी। फिलहाल मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है—चाहे वह पारिवारिक विवाद हो, महिला का लापता होना हो या फिर किसी आपराधिक साजिश की आशंका। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गांवों में घरेलू विवाद किस तरह खामोशी से खतरनाक अंजाम तक पहुंच सकते हैं।
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