अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही देश-दुनिया के श्रद्धालु दिल खोलकर रामलला के दरबार में अर्पण कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी के मामले में अब कानूनी हथौड़ा चल गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस पूरे मामले को लेकर अयोध्या के स्थानीय थाने में एक बड़ी एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। यह कदम ऐसे ही नहीं उठाया गया, बल्कि विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रस्ट ने यह सख्त रुख अपनाया है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तरफ से दी गई लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की कमान अपने हाथ में ले ली है।
अपनों ने ही किया विश्वासघात! इन बेहद कड़े कानूनी शिकंजों में फंसे आरोपी
इस पूरे मामले का सबसे स्याह पहलू यह है कि चोरी की इस वारदात के तार मंदिर व्यवस्था के अंदर से ही जुड़े हुए नजर आ रहे हैं। दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, मंदिर के ही किसी अंदरूनी कर्मचारी द्वारा इस पावन चढ़ावे की चोरी को अंजाम दिया गया है। इतना ही नहीं, पुलिस को इस बात के भी पुख्ता सबूत मिले हैं कि चुराए गए सामान और धनराशि की आगे खरीद-बिक्री भी की गई है, यानी यह एक सोची-समझी साजिश थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की बेहद संगीन और गैर-जमानती धाराओं का इस्तेमाल किया है। आरोपियों पर बीएनएस की धारा 306, 316, 317, 317(4), 317(5) और 61 के तहत शिकंजा कसा गया है, जिसका साफ मतलब है कि इन्हें कोर्ट से आसानी से राहत नहीं मिलने वाली।
6 से ज्यादा लोगों के नाम आए सामने, पुलिस की स्पेशल टीमें कर रही हैं छापेमारी
एसआईटी की शुरुआती तफ्तीश के बाद इस घिनौने खेल में शामिल 6 से ज्यादा लोगों को सीधे तौर पर नामजद किया गया है। इन सभी आरोपियों की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई है और इनके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। राम मंदिर जैसे बेहद संवेदनशील और आस्था के सर्वोच्च केंद्र में हुई इस धोखाधड़ी को लेकर उत्तर प्रदेश शासन और अयोध्या पुलिस प्रशासन बेहद गंभीर है। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की कई स्पेशल टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि किसी भी वक्त इन सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा और इसके पीछे चल रहे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद का फूटा गुस्सा, दोषियों को सबक सिखाने के लिए रखीं 4 बड़ी मांगें
करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र में हुई इस चोरी की भनक लगते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ी आपत्ति जताई है और अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करने वाले इस कृत्य पर विहिप ने साफ शब्दों में प्रशासन के सामने अपनी चार सूत्रीय मांगें रख दी हैं।
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पहली मांग: इस पूरे मामले पर बिना किसी देरी के तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी पहिया घुमाया जाए (जिस पर त्वरित कार्रवाई हो चुकी है)।
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दूसरी मांग: मंदिर के आंतरिक और बाहरी प्रबंधन से जुड़े हर एक संदिग्ध पहलू की बेहद बारीकी और तेजी से जांच की जाए।
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तीसरी मांग: इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसका मुकदमा ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ में चलाया जाए ताकि आरोपियों को जल्द सजा मिल सके।
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चौथी मांग: आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले इन सभी गुनहगारों को कानून के दायरे में लाकर ऐसी कठोर सजा दी जाए, जो मिसाल बन सके।
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