Monday, February 2, 2026
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सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में न पड़ो… प्रयागराज डीएम को डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने दी सख्त नसीहत

प्रयागराज में माघ मेले की तैयारियों का निरीक्षण करने आए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने डीएम मनीष कुमार वर्मा को 'सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में मत पड़ो' कहकर नसीहत दी।

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प्रयागराज में सतुआ बाबा के शिविर में डीएम मनीष कुमार वर्मा का रोटी बनाने का वीडियो वायरल होने के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें सख्त नसीहत दी। निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम ने डीएम से कहा, “सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में मत पड़ो।” यह टिप्पणी मौके पर मौजूद लोगों के बीच हंसी का विषय बनी, लेकिन संदेश गंभीर था। डिप्टी सीएम का इशारा था कि प्रशासनिक प्राथमिकताओं में धार्मिक आयोजनों के अनावश्यक कार्यों की तुलना में माघ मेले की तैयारियों को अधिक महत्व देना जरूरी है।

माघ मेले की तैयारियों का औचक निरीक्षण

डिप्टी सीएम केशव मौर्य माघ मेले की व्यवस्थाओं का औचक स्थलीय निरीक्षण करने प्रयागराज पहुंचे थे। संगम नोज, माघ मेले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, वहां स्नान घाटों का अधूरा काम देखकर उन्होंने असंतोष जताया। मौके पर मौजूद पुलिस और मेला अधिकारियों से उन्होंने सवाल-जवाब भी किए। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि माघ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएम की भूमिका और प्रशासनिक संकेत

निरीक्षण के दौरान आनन-फानन में डीएम मनीष कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे। डिप्टी सीएम ने डीएम से कहा कि मेले की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए और प्रशासनिक प्राथमिकताओं में धार्मिक आयोजनों के व्यक्तिगत आकर्षण को प्राथमिकता न दी जाए। संगम नोज पर स्नान घाटों का समय से तैयार न होना डिप्टी सीएम की नाराजगी का मुख्य कारण था। अधिकारियों को स्पष्ट संकेत दे दिए गए कि अब किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है और सुरक्षा व सुविधाओं का सर्वोच्च स्तर सुनिश्चित किया जाए।

वीडियो वायरल और राजनीतिक हलकों में चर्चा

डीएम मनीष कुमार वर्मा का रोटी बनाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई। डिप्टी सीएम के सख्त संदेश ने यह स्पष्ट कर दिया कि माघ मेले जैसी बड़ी धार्मिक व्यवस्थाओं में किसी भी लापरवाही की जगह नहीं है। वायरल वीडियो के बाद कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय मीडिया ने इस मामले पर विस्तृत रिपोर्टिंग की, जिससे जनता में यह संदेश गया कि सरकार माघ मेले की तैयारी को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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