लखीमपुर खीरी जिले का शांत गांव खैराबाद इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. वजह है गांव का ही रहने वाला मोहम्मद सुहेल, जिसे गुजरात एटीएस ने आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि सुहेल कुछ साल पहले धर्म की शिक्षा लेने के लिए मदरसे गया था और मौलवी बनने का सपना देख रहा था. लेकिन अब उसके खिलाफ गंभीर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लग रहे हैं.
मौलवी बनने निकला, आतंक के जाल में फंस गया सुहेल?
परिवार के मुताबिक, सुहेल ने हमेशा साधारण जीवन जिया और कभी किसी विवाद में नहीं पड़ा. उसकी मां का कहना है कि उनका बेटा “सिर्फ पढ़ाई और नमाज” तक सीमित था. लेकिन एटीएस की कार्रवाई ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है.
गुजरात एटीएस ने जिन तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, उनमें सुहेल भी शामिल है. एजेंसी का दावा है कि ये सभी लोग एक विदेशी संगठन के संपर्क में थे और भारत में आतंकी नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहे थे. जांच एजेंसी को इनके पास से कई डिजिटल उपकरण, मोबाइल चैट्स और संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है.
सुहेल पिछले कुछ महीनों से गुजरात और यूपी के बीच लगातार आवाजाही कर रहा था. हालांकि परिवार का कहना है कि वह “धार्मिक कार्य” के सिलसिले में बाहर जाता था. एटीएस अब यह जांच रही है कि उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या वह किसी मॉड्यूल का हिस्सा था या नहीं.
परिजनों की आंखों में सवाल
सुहेल की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां सन्नाटा छा गया. पड़ोसी भी हैरान हैं कि जो लड़का हमेशा शांत स्वभाव का था, वो आखिर इस रास्ते पर कैसे चला गया. कुछ लोगों का कहना है कि सुहेल सोशल मीडिया पर धार्मिक विचार साझा करता था, लेकिन कभी किसी कट्टरपंथी संगठन की बात नहीं करता था.
उसकी मां रोते हुए कहती हैं, “मेरा बेटा मौलवी बनने गया था, आतंकवादी नहीं. किसी ने उसे फंसा दिया है.” पिता का कहना है कि अगर सुहेल दोषी है तो कानून अपना काम करे, लेकिन जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। गुजरात एटीएस अब उत्तर प्रदेश एटीएस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर जांच कर रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह नेटवर्क सीमापार से संचालित होता था
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