गोरखपुर के दुर्गाबाड़ी क्रॉसिंग पर रविवार की शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे मोहल्ले को झकझोर दिया। आठ वर्षीय शिया और उसकी पक्की दोस्त मिष्ठी अपनी रोज की तरह घर के बाहर खेल रही थीं। तभी मोहल्ले में रहने वाली सविता यादव अपने घर से दुर्गाबाड़ी बाजार जाने के लिए निकलीं। बच्चों को बाजार ले जाने की उनकी आदत थी और इस बार उन्होंने शिया से कहा कि अगर वह उनके साथ चलेंगी तो चॉकलेट दिलाएंगी। मासूम शिया खुशी-खुशी तैयार हो गई और मिष्ठी भी साथ जाने की जिद करने लगी।
अंधेरे में खतरा
मोहल्लेवालों के अनुसार, सविता पहले भी बच्चों को बाजार ले जाती थीं, इसलिए किसी को कोई चिंता नहीं हुई। शिया ने घर से निकलते समय अपने पिता अमित कुमार यादव को कॉल करके कहा कि वह थोड़ी देर में लौट आएगी। घर से लगभग 500 मीटर दूर दुर्गाबाड़ी क्रॉसिंग गोरखनाथ ओवरब्रिज निर्माण के कारण बंद रहती है। लोग अक्सर क्रॉसिंग के नीचे से दुर्गाबाड़ी की ओर जाते हैं। इसी दौरान सविता, शिया और मिष्ठी एक मालगाड़ी देखने के लिए दूसरे ट्रैक पर खड़ी हो गईं। उन्होंने इस ट्रैक को सुरक्षित समझा, लेकिन उनकी यह गलतफहमी उनकी जान ले गई।
तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट
इसी बीच गोरखपुर स्टेशन से जम्मूतवी जा रही मोध्वज एक्सप्रेस तेज रफ्तार में आ गई। अचानक दो ट्रेनों के हॉर्न की आवाजें एक साथ गूंजने लगीं। शोर और भ्रम में तीनों खतरे को समझ नहीं पाईं और ट्रेन की चपेट में आ गईं। मौके पर ही शिया और सविता की हालत गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत जीआरपी और पुलिस को सूचना दी। घायल मिष्ठी को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने शिया और सविता को मृत घोषित कर दिया। मिष्ठी की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे सावित्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मोहल्ला सदमे में
हादसे के बाद पूरा मोहल्ला स्तब्ध है। लोग इस घटना की तुलना अपने जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी से कर रहे हैं। बच्चियों की मासूमियत और चॉकलेट के लिए उनका उत्साह अब उनके परिवार के लिए दर्दनाक याद बन गया है। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा नियमों के पालन की चेतावनी दी है। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने आसपास के क्रॉसिंग क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने की बात कही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों।
