उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने राजनीति में आने का ऐलान कर दिया है। इसी के साथ उनके इस्तीफे के बाद लगाए गए एक कथित राजनीतिक दावे पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। दिव्या मित्तल (Divya Mittal) के मुताबिक, उनके इस्तीफे के कुछ घंटे बाद एक राजनीतिक दल के प्रदेश प्रवक्ता की ओर से सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि उन्होंने रात में दूसरी पार्टी के एक बड़े नेता से मुलाकात की थी। दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई मुलाकात हुई ही नहीं थी।
‘महिला को डराने की कोशिश’ का लगाया आरोप
दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने कहा कि इस्तीफे के बाद उन्हें लोगों से समर्थन मिला, लेकिन इसके साथ ही उनके बारे में कई तरह की बातें भी सामने आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित मुलाकात की बात फैलाने का मकसद उन्हें डराना था। उनका कहना है कि राजनीति में आने वाली महिलाओं को आरोप, ट्रोलिंग या अन्य दबाव के जरिए पीछे हटाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। दिव्या ने साफ किया कि वह ऐसी बातों से पीछे हटने वाली नहीं हैं और सार्वजनिक मुद्दों पर सवाल उठाती रहेंगी।
IAS की नौकरी छोड़कर राजनीति में आने का फैसला
दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने करीब 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद अगस्त 2026 में इस्तीफा दिया था। इसके बाद उनके अगले कदम को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। 29 सितंबर को उन्होंने साफ कर दिया कि वह राजनीति में प्रवेश करेंगी और अपनी राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू करेंगी। हालांकि उन्होंने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के बजाय लोगों के साथ मिलकर काम करने की बात कही है।
‘राजनीति में बदलाव’ को बताया अपना मकसद
पूर्व IAS अधिकारी ने अपने राजनीतिक कदम को केवल चुनाव लड़ने या किसी नेता का विकल्प बनने तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उनका फोकस लोगों की समस्याओं और उनकी आवाज को सामने लाने पर रहेगा। दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने यह भी कहा कि वह किसी दल के झंडे के बजाय सीधे जनता के साथ काम करना चाहती हैं। उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए उन्होंने यहीं से नई राजनीतिक पारी शुरू करने की बात कही। उनके इस ऐलान के साथ ही इस्तीफे के बाद चल रही अटकलों पर भी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
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