उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य उस समय एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गए जब उनके हेलिकॉप्टर में उड़ान के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के संकेत मिले। जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर में अचानक धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद पायलट ने तुरंत स्थिति को गंभीरता से लिया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला किया गया। इसके बाद हेलिकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से लखनऊ एयरपोर्ट पर उतार दिया गया। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए एयरपोर्ट और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई।
सुरक्षित उतरे डिप्टी CM, सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित
हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद राहत की खबर यह रही कि डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य और हेलिकॉप्टर में मौजूद अन्य सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट पर मौजूद सुरक्षा और तकनीकी टीम ने तुरंत हेलिकॉप्टर की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर के किसी हिस्से में तकनीकी समस्या के कारण धुआं दिखाई दिया था। हालांकि पायलट की सतर्कता और समय रहते लिए गए फैसले की वजह से किसी तरह की बड़ी दुर्घटना टल गई।
तकनीकी टीम कर रही जांच
घटना के बाद विमानन विशेषज्ञों और तकनीकी टीम ने हेलिकॉप्टर की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किस कारण से हेलिकॉप्टर से धुआं निकलने लगा। शुरुआती अंदेशा है कि इंजन या किसी तकनीकी हिस्से में हल्की खराबी के कारण यह स्थिति बनी होगी। पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण सामने आ पाएगा। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां और एयरपोर्ट प्रबंधन इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर रहे हैं।
प्रशासन सतर्क, आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
इस घटना के बाद प्रशासन ने डिप्टी CM की आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की। अधिकारियों का कहना है कि वीआईपी उड़ानों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई देने पर तुरंत एहतियाती कदम उठाए जाते हैं। इसी कारण पायलट ने बिना जोखिम लिए हेलिकॉप्टर को तुरंत उतारने का निर्णय लिया। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि समय पर सतर्कता और सही निर्णय से बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।
