UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं इस बार कई बड़े बदलावों के साथ आयोजित की जा रही हैं। बोर्ड ने नकल और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगाने के उद्देश्य से परीक्षा प्रणाली को पहले से कहीं ज्यादा सख्त बना दिया है। इस बार सबसे अहम बदलाव यह है कि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए केवल प्रवेश पत्र दिखाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन्हें अपने साथ आधार कार्ड की मूल प्रति भी अनिवार्य रूप से लानी होगी। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, अगर किसी छात्र या छात्रा के पास आधार कार्ड नहीं पाया गया, तो उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलने में परेशानी हो सकती है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा परीक्षा देने जैसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके। बोर्ड का मानना है कि आधार आधारित पहचान से परीक्षार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होगी और परीक्षा की विश्वसनीयता मजबूत होगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर लें, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो।
डिजिटल निगरानी का घेरा: सीसी कैमरे और जियो टैगिंग से हर केंद्र पर नजर
इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा केवल कागजी सख्ती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीक के जरिए भी कड़ी निगरानी की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों को हाई-रिजॉल्यूशन सीसी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। इसके साथ ही हर परीक्षा केंद्र की जियो टैगिंग कराई गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि परीक्षा तय स्थान पर ही शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। संवेदनशील और अति-संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और सचल दल लगातार दौरा करेंगे। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस डिजिटल निगरानी व्यवस्था का मकसद केवल नकल रोकना ही नहीं, बल्कि ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्रों का मनोबल बढ़ाना भी है, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी परीक्षा दे सकें।
आंतरिक सचल दल की तैनाती: हर गतिविधि पर रहेगी पैनी नजर
UP Board Exam 2026 में परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए जिला स्तर पर भी सख्त इंतजाम किए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से सभी परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक केंद्र पर आंतरिक सचल दल का गठन अनिवार्य होगा। इस दल में तीन सदस्य होंगे, जिनमें कम से कम एक महिला अध्यापिका का होना जरूरी किया गया है, ताकि छात्राओं की तलाशी और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जा सके। खास बात यह है कि जिस विषय की परीक्षा उस दिन हो रही होगी, उस विषय का शिक्षक सचल दल में शामिल नहीं किया जाएगा, जिससे निष्पक्षता बनी रहे। ये दल परीक्षा कक्षों के अंदर और बाहर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित परीक्षार्थी और केंद्र व्यवस्थापन दोनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से परीक्षा के दौरान अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहेगी।
प्रवेश द्वार से परीक्षा कक्ष तक: लेयर चेकिंग से खत्म होगी नकल
UP Board Exam 2026 में इस बार परीक्षा केंद्र में प्रवेश की प्रक्रिया भी पहले से कहीं ज्यादा कड़ी होगी। मुख्य द्वार पर ही छात्र-छात्राओं की लेयर चेकिंग की जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी को मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच या किसी भी तरह की पाठ्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। तलाशी के दौरान यदि किसी के पास प्रतिबंधित सामग्री पाई जाती है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा कक्ष के भीतर केवल पर्यवेक्षक, सचल दल के सदस्य या राजपत्रित अधिकारी को ही प्रवेश की अनुमति होगी। डीआईओएस के अनुसार, इन सभी सख्त कदमों का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि परीक्षा की शुचिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। छात्रों से अपील की गई है कि वे नियमों का पूरी तरह पालन करें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें, ताकि किसी तरह की अफरातफरी न हो।
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