उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य रविवार 25 जनवरी को गाजियाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। केशव प्रसाद मौर्य गाजियाबाद दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही नजरिए से खास माना जा रहा है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रयागराज में चल रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्होंने भगवान शंकराचार्य के चरणों में प्रार्थना की है कि संगम स्नान के माध्यम से इस पूरे विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकले। उनका कहना था कि देश और समाज की भावना यही है कि यह विषय अब समाप्त हो और धार्मिक एकता का संदेश जाए। केशव मौर्य ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार किसी भी तरह के टकराव या विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहती, बल्कि संवाद और श्रद्धा के रास्ते से समाधान चाहती है।
अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर संयमित और सम्मानजनक रुख
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर पूछे गए सवालों पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बेहद संतुलित भाषा का इस्तेमाल किया। केशव प्रसाद मौर्य गाजियाबाद में बोले कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि एक संत हैं और उनकी बातों को उसी भाव से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम उन्हें सिर झुका कर प्रणाम करते हैं। संतों की भावनाओं का सम्मान करना हमारी परंपरा है।” जब पत्रकारों ने उनसे यह सवाल किया कि कुछ लोग उन्हें भविष्य के मुख्यमंत्री के रूप में देख रहे हैं, तो केशव मौर्य ने इसे संतों की भावना बताते हुए किसी भी तरह की राजनीतिक महत्वाकांक्षा से इनकार किया। उन्होंने दोहराया कि इस पूरे विवाद को खत्म करने के लिए वह पुनः चरणों में प्रणाम कर प्रार्थना करते हैं कि संगम स्नान के जरिए यह मामला समाप्त हो और देश में सकारात्मक संदेश जाए।
नोएडा की घटना पर सख्त रुख, SIT रिपोर्ट का जिक्र
गाजियाबाद दौरे के दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नोएडा में युवराज की मौत से जुड़े मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। केशव प्रसाद मौर्य गाजियाबाद में मीडिया से बोले कि सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि इस केस की जांच के लिए गठित SIT की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। डिप्टी सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि यूपी सरकार में कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी भी घटना या दुर्घटना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और न्याय सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
स्नेह मिलन कार्यक्रम और राजनीतिक संदेश
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का गाजियाबाद दौरा सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। वह यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा द्वारा आयोजित बिहार और पूर्वांचल के लोगों के स्नेह मिलन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे पर जोर दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए होल्डिंग्स, जिन पर “कटेंगे तो बंटेंगे, एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे” जैसे संदेश लिखे थे, राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बने रहे। केशव प्रसाद मौर्य गाजियाबाद दौरे के दौरान इन नारों को सामाजिक एकता से जोड़ते नजर आए। उनका कहना था कि समाज तभी मजबूत होगा जब लोग एकजुट रहेंगे। इस पूरे दौरे के जरिए डिप्टी सीएम ने यह साफ संकेत दिया कि सरकार विकास, कानून व्यवस्था और सामाजिक समरसता—तीनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है।
Read More-“यह कमान तब दी जाती…”, तेजस्वी यादव को आरजेडी का बड़ा पद मिलते ही क्यों आगबबूला हो गए चिराग पासवान?
