Homeउत्तर प्रदेश39 इंच की लंबाई और हाथ में BSC की डिग्री, फिर भी...

39 इंच की लंबाई और हाथ में BSC की डिग्री, फिर भी नहीं मिल रही नौकरी, हैरान कर देगी वजह

अमरोहा के दो सगे भाई, संतोष और नरेश, शारीरिक लंबाई कम होने के कारण बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहे हैं। पढ़ाई पूरी होने के बावजूद नौकरी न मिलने से दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

-

अमरोहा जिले में रहने वाले 27 वर्षीय संतोष कुमार और उनके छोटे भाई 21 वर्षीय नरेश की कहानी दिल को झकझोर देने वाली है। दोनों की शारीरिक लंबाई सामान्य लोगों से बहुत कम है, जिससे उनकी नौकरी पाने की राह कठिन हो गई है। संतोष की लंबाई सिर्फ 39 इंच है, जबकि नरेश की लंबाई 41 इंच। यह कमी उन्हें समाज में अन्य लोगों के मुकाबले अलग नजर आने पर मजबूर करती है। अक्सर लोग दोनों भाइयों को देखकर उन्हें बच्चे समझ लेते हैं, जिससे रोजगार पाने में उन्हें लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

संतोष ने बीएससी की डिग्री पूरी की है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई स्थायी नौकरी नहीं मिली। नरेश पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हुआ और वह किसी भी प्रकार की मजदूरी के लिए भी रोज़गार पाने में असमर्थ है। दोनों भाई अपनी स्थिति से बेहद परेशान हैं और आर्थिक तंगी के कारण रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।

पढ़ाई और काबिलियत के बावजूद बेरोजगारी

संतोष और नरेश की कहानी यह बताती है कि शिक्षा और काबिलियत होने के बावजूद शारीरिक बनावट कितनी बड़ी बाधा बन सकती है। संतोष ने बीएससी की डिग्री हासिल की है और नरेश भी पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन लंबाई की वजह से नौकरी देने वाले उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। कई बार दोनों ने निजी और सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन किया, लेकिन रिजेक्ट होने के बाद उनका हौसला टूट गया।

संतोष बताते हैं, “हम पढ़े-लिखे हैं, पर लोग हमें देखकर बच्चों की तरह समझ लेते हैं। नौकरी मिलने के लिए कई बार इंटरव्यू में बुलाया गया, लेकिन अंतिम चयन से पहले ही नाम कट जाता है। हमारी मेहनत और पढ़ाई को कोई महत्व नहीं देता।”

दो वक्त की रोटी भी बनी मुश्किल

गरीबी और बेरोजगारी ने दोनों भाइयों की जिंदगी कठिन बना दी है। परिवार के पास इतना साधन नहीं कि दोनों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर सके। संतोष और नरेश मजदूरी करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनके कद को देखकर कोई भी उन्हें काम देने को तैयार नहीं होता। दो वक्त की रोटी जुटाना भी उनके लिए संघर्ष का विषय बन गया है।

स्थानीय लोग कहते हैं कि ये दोनों भाई मेहनती और ईमानदार हैं, लेकिन समाज में लम्बाई को लेकर बनी मानसिकता ने उनके जीवन में बाधाएं खड़ी कर दी हैं। कई बार दोनों ने मजदूरी के लिए भी आवेदन किया, लेकिन काम देने वाले उन्हें देखकर हंस देते हैं या नौकरी से मना कर देते हैं।

मदद की उम्मीद लेकर डीएम के पास पहुंचे

संतोष और नरेश ने हाल ही में कलेक्ट्रेट जाकर जिला अधिकारी से मदद की गुहार लगाई। दोनों भाई उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अधिकारी उन्हें रोजगार दिलाने में मदद करेंगे। संतोष ने कहा, “हम केवल नौकरी चाहते हैं ताकि अपने परिवार का पेट भर सकें और समाज में सम्मान के साथ जीवन जी सकें। हमारी पढ़ाई और मेहनत को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।”

अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सरकारी योजनाओं के तहत मदद मिल सकती है, लेकिन इसके लिए समाज और नियोक्ताओं का नजरिया बदलना जरूरी है। संतोष और नरेश की कहानी समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि शिक्षा और मेहनत के बावजूद शारीरिक बनावट के कारण लोग अपने जीवन में संघर्ष कर सकते हैं।

Read more-विनेश फोगाट का चौंकाने वाला यू-टर्न! सन्यास तोड़ देश के लिए फिर करेंगी वापसी

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts