उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानों को लेकर भूचाल आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में दिए एक बयान में कहा था कि “लातों के भूत बातों से नहीं मानते,” जिसे लेकर विपक्ष खासा नाराज नजर आ रहा है। इस टिप्पणी के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। कांग्रेस, सपा समेत तमाम दलों ने सीएम की भाषा पर सवाल खड़े किए हैं और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने जताई नाराज़गी
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री के बयान को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, “राज्य का मुख्यमंत्री इस तरह की भाषा का प्रयोग करे, यह तानाशाही सोच को दर्शाता है। लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है और बीजेपी नेताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।” राय ने आगे कहा कि ऐसे बयान समाज में डर और हिंसा का माहौल पैदा करते हैं, जो किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए खतरनाक संकेत हैं।
‘हिंदू-मुसलमान की राजनीति से जनता को गुमराह कर रही है बीजेपी’
अजय राय ने बीजेपी पर समाज को धार्मिक आधार पर बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “योगी आदित्यनाथ और उनकी पार्टी बार-बार हिंदू-मुसलमान की राजनीति करके लोगों को असली मुद्दों से भटकाना चाहती है। बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सवालों पर सरकार जवाब देने से बचती है और ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान दिए जाते हैं।” अजय राय ने मुख्यमंत्री से माफी की मांग भी की और कहा कि यदि सत्ता में बैठे लोग ही भाषा की मर्यादा नहीं रखेंगे, तो आम जनता क्या सीखेगी?
