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योगी का ‘फरमान’ या भक्तों का सम्मान? माघ मेले में मंत्रियों की भी नहीं चलेगी ‘लाल बत्ती’, प्रोटोकॉल पर लगा ब्रेक!

प्रयागराज माघ मेला 2025 के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जारी किए सख्त निर्देश। मुख्य स्नान पर्वों पर वीआईपी प्रोटोकॉल रहेगा बंद, श्रद्धालुओं की सुविधा को दी प्राथमिकता। जानें क्या है सरकार का नया मास्टर प्लान।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में आयोजित होने वाले आगामी माघ मेले की तैयारियों को लेकर एक हाई-लेवल बैठक की है। इस बैठक में सीएम ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि मेले के दौरान मुख्य स्नान पर्वों (जैसे मौनी अमावस्या, मकर संक्रांति और बसंत पंचमी) पर किसी भी प्रकार का वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि आस्था के इस संगम में आने वाला हर श्रद्धालु समान है। अक्सर देखा जाता है कि वीआईपी मूवमेंट के कारण आम जनता को स्नान घाटों तक पहुँचने में घंटों इंतजार करना पड़ता है या पुलिस बैरिकेडिंग का सामना करना पड़ता है। इस बार योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि मंत्रियों, अधिकारियों या विशिष्ट अतिथियों को आम श्रद्धालुओं की तरह ही व्यवहार करना होगा ताकि संगम की रेती पर आने वाले लाखों भक्तों को कोई असुविधा न हो।

सुरक्षा और स्वच्छता का ‘डबल इंजन’ मॉडल

बैठक के दौरान सीएम योगी ने केवल प्रोटोकॉल ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरे मेला क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन निगरानी से लैस किया जाए। विशेष रूप से जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गहरे पानी में स्नान के दौरान किसी भी अनहोनी को टाला जा सके। इसके साथ ही, इस बार माघ मेले को ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वच्छता कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है और जगह-जगह आधुनिक शौचालयों व डस्टबिन की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगम की पवित्रता बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, और गंगा के जल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए नालों की टैपिंग का काम समय से पूरा किया जाए।

कुंभ 2025 का ‘ट्रायल रन’ है यह माघ मेला

जानकारों का मानना है कि इस साल का माघ मेला दरअसल 2025 में होने वाले महाकुंभ का एक रिहर्सल है। योगी सरकार इस आयोजन के जरिए अपनी उन तैयारियों को परखना चाहती है जो अगले साल वैश्विक स्तर पर लागू की जाएंगी। सड़कों का चौड़ीकरण, नए पुलों का निर्माण और बिजली की निर्बाध आपूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे पर काम तेजी से चल रहा है। सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए रैन बसेरों की उत्तम व्यवस्था और संगम तट तक जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी का प्रबंध करने को कहा गया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश-दुनिया से आने वाले कल्पवासियों को किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधाओं की कमी महसूस न हो।

सुगम यातायात और स्वास्थ्य सुविधाओं का नया चक्रव्यूह

मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन (Traffic Management) के लिए एक नया रूट मैप तैयार किया गया है। पार्किंग स्थलों को मेला क्षेत्र से एक निश्चित दूरी पर रखा जाएगा ताकि पैदल चलने वाले यात्रियों को परेशानी न हो। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। मेला क्षेत्र के भीतर अस्थाई अस्पतालों का निर्माण किया गया है, जहाँ 24 घंटे डॉक्टर और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए फॉगिंग व एंटी-लार्वा छिड़काव के निर्देश भी दिए गए हैं। कुल मिलाकर, योगी सरकार का लक्ष्य इस माघ मेले को अब तक का सबसे व्यवस्थित और डिजिटल अनुभव वाला मेला बनाना है, जहाँ तकनीक और परंपरा का अद्भुत मेल दिखाई देगा।

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