रविवार को ताज नगरी आगरा में एक निर्माणाधीन बेसमेंट ने उस समय डरावना रूप ले लिया, जब नमक मंडी इलाके में काम के दौरान अचानक एक दीवार भरभराकर गिर गई। यह हादसा इतना अचानक था कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दीवार गिरते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई और धूल का गुबार पूरे इलाके में फैल गया। निर्माण स्थल पर मौजूद मजदूरों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बेसमेंट की खुदाई और निर्माण का काम चल रहा था, तभी दीवार कमजोर होकर गिर पड़ी। हादसे में कुल सात मजदूर मलबे में दब गए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
अलाव ताप रहे मजदूर बने हादसे का शिकार
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय सभी मजदूर काम से थोड़ी देर के लिए रुके हुए थे और ठंड से बचने के लिए अलाव ताप रहे थे। इसी दौरान अचानक दीवार गिर गई और मजदूर मलबे के नीचे दब गए। किसी को यह अंदाजा भी नहीं था कि कुछ सेकंड में हालात इतने भयावह हो जाएंगे। दीवार गिरते ही आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। कुछ मजदूरों को हल्की चोटें आईं, जबकि चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत टीम मौके पर पहुंच गई। एसडीएम स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहे और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। पुलिस बल ने इलाके को घेर लिया ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया गया और दबे हुए मजदूरों को बाहर निकाला गया। घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। प्रशासन का कहना है कि सभी मजदूरों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। साथ ही निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
निर्माण सुरक्षा पर उठे सवाल, जांच के आदेश
इस हादसे के बाद एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेसमेंट निर्माण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए जा रहे थे। यदि दीवार को सही तरीके से सपोर्ट दिया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार लोगों से पूछताछ की जाएगी। साथ ही घायल मजदूरों को हर संभव मदद और इलाज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। यह हादसा न सिर्फ आगरा, बल्कि पूरे प्रदेश में निर्माण स्थलों पर काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आया है।
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