उत्तर प्रदेश के Mirzapur जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां दबंगों ने कानून की परवाह किए बिना सीधे पुलिस चौकी के अंदर घुसकर हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला एक सड़क हादसे से शुरू हुआ। मंडलीय अस्पताल के पास एक ई-रिक्शा की टक्कर के बाद कुछ लोगों ने चालक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद सिपाही ने बीच-बचाव किया और चालक को सुरक्षित रखने के लिए चौकी के कमरे में बंद कर दिया। लेकिन यह कदम हमलावरों को नागवार गुजरा और उन्होंने इसे अपनी बेइज्जती समझ लिया।
आधी रात चौकी पर हमला, पुलिसकर्मी घायल
घटना ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब बुधवार देर रात वही लोग अपने साथियों के साथ दोबारा चौकी पर पहुंचे। गुस्से में भरे इन लोगों ने अचानक पुलिस चौकी में घुसकर हमला कर दिया। इस दौरान सिपाही कमलेश पासवान को निशाना बनाया गया और उनके साथ जमकर मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंचे चौकी प्रभारी मनोज कुमार राय भी हमले में घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने दरोगा के साथ भी हाथापाई की, उनकी वर्दी फाड़ दी और बैज तक नोच लिया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
तीन आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक कई आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान भरत तिवारी, मनोज त्रिपाठी और विकास त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो देहात कोतवाली क्षेत्र के मेवली गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी फरार लोगों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस जगह आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वहीं पुलिस चौकी के अंदर घुसकर हमला होना चिंता का विषय है। क्षेत्राधिकारी ने कहा है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि छोटी सी घटना भी अगर समय रहते नहीं संभाली जाए, तो वह बड़े विवाद का रूप ले सकती है।
Read More-सपनों में सताती रही आत्मा, अगरबत्ती बनी सहारा… 34 साल बाद कुएं से निकला खौफनाक राज!
