UP News: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में 4 अक्टूबर की सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर ऐसा हादसा हुआ, जिसने शहीद के परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। हरियाणा के पंचकुला से सेना के सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर लेकर एक एंबुलेंस देवरिया जा रही थी। परिवार के सदस्य भी उसी वाहन में सवार थे। सभी की कोशिश थी कि शहीद का पार्थिव शरीर लेकर जल्द से जल्द घर पहुंचा जाए, लेकिन रास्ते में उनकी एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा हलियापुर थाना क्षेत्र में अयोध्या-सुल्तानपुर सीमा के पास एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 79.6 पर सुबह करीब 8:15 बजे हुआ। इस दुर्घटना में शहीद के परिवार के तीन सदस्यों और एंबुलेंस चालक की मौत हो गई।
खड़े ट्रक में पीछे से टकराई एंबुलेंस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एंबुलेंस हलियापुर के पास पहुंची, तभी वह सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन का केबिन पिचकने से उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद चालक जसपाल का शव स्टेयरिंग के पास फंस गया था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि एंबुलेंस में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर की मदद लेनी पड़ी। हादसे की सूचना मिलने पर हलियापुर पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय स्तर पर बचाव कार्य कराया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
शहीद के बेटे, भाई और भतीजे ने तोड़ा दम, चालक की भी मौत
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान के बेटे गौरव सिंह, भाई राजन चौधरी, भतीजे राम समुझ और एंबुलेंस चालक जसपाल के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, गौरव सिंह और चालक जसपाल की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल राजन चौधरी और राम समुझ को इलाज के लिए अयोध्या के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद दोनों को बचाया नहीं जा सका। इस तरह शहीद के पार्थिव शरीर को घर पहुंचाने निकले परिवार के तीन सदस्यों की रास्ते में ही जान चली गई। हादसे की खबर मिलने के बाद मृतकों के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी।
कुछ दिन पहले पंचकुला में शहीद हुए थे सत्यवान
जानकारी के अनुसार, देवरिया जिले के रुद्रपुर निवासी सूबेदार मेजर सत्यवान कुछ दिन पहले पंचकुला में शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर लेने के लिए बेटे गौरव सिंह, भाई राजन चौधरी और भतीजे राम समुझ पंचकुला पहुंचे थे। तीनों 3 अक्टूबर की देर रात एंबुलेंस से पार्थिव शरीर लेकर देवरिया के लिए रवाना हुए थे, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही हादसा हो गया। दुर्घटना के बाद शहीद सत्यवान के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक हलियापुर थाने में रखवाया गया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। शुरुआती जांच में चालक को नींद की झपकी आने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि हादसे की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
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