बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट अपनी फिल्मों और एक्टिंग के लिए जितनी सराही जाती हैं, उतनी ही बार सोशल मीडिया पर अपने बयानों और पोस्ट्स को लेकर ट्रोल भी होती रही हैं। इस बार मामला मकर संक्रांति से जुड़ा है। 14 और 15 जनवरी को पूरे देश में मकर संक्रांति का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। पतंगबाजी, तिल-गुड़ और पारंपरिक खुशियों के बीच तमाम सेलेब्स ने फैंस को शुभकामनाएं दीं। इसी दौरान आलिया भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें पतंगबाजी के कारण पक्षियों को होने वाले नुकसान को दिखाया गया था। वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन में “Happy Makar Sankranti” लिखा।
यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों को लगा कि त्योहार के दिन इस तरह की पोस्ट करना लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। देखते ही देखते आलिया भट्ट को ट्रोल किया जाने लगा और कमेंट्स में उन्हें आड़े हाथों लिया गया।
पक्षियों की चिंता या त्योहारों को टारगेट करने का आरोप?
आलिया भट्ट के पोस्ट का मकसद पक्षियों के प्रति जागरूकता फैलाना बताया गया, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे अलग नजरिए से देखा। कई लोगों का कहना है कि सेलेब्स को पर्यावरण और जीव-जंतुओं की चिंता सिर्फ कुछ खास त्योहारों पर ही क्यों याद आती है। यूजर्स ने सवाल उठाया कि मकर संक्रांति या दीवाली जैसे हिंदू त्योहारों पर ही ऐसी पोस्ट क्यों की जाती हैं।
लोगों ने यह भी लिखा कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान होने वाली आतिशबाजी, क्लब पार्टियों और अन्य आयोजनों से होने वाले प्रदूषण पर कोई सेलेब्रिटी खुलकर बात नहीं करता। वहीं, जब बात हिंदू त्योहारों की आती है तो तुरंत जागरूकता की बातें शुरू हो जाती हैं। इसी वजह से कई यूजर्स ने आलिया भट्ट को ‘हिपोक्रेट’ यानी दोहरा मापदंड अपनाने वाली करार दिया।
लग्जरी ब्रांड्स की एंबेसडर और दोहरे मापदंड का सवाल
ट्रोलिंग यहीं नहीं रुकी। सोशल मीडिया पर लोगों ने आलिया भट्ट के कई लग्जरी ब्रांड्स से जुड़े होने को लेकर भी सवाल खड़े किए। खासतौर पर गुच्ची जैसे इंटरनेशनल लग्जरी ब्रांड का नाम सामने आया। यूजर्स का कहना है कि कई लग्जरी ब्रांड्स अपने प्रोडक्ट्स के लिए जानवरों से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल करते हैं, जिन पर पहले भी विवाद हो चुका है।
लोगों ने पूछा कि अगर आलिया भट्ट को वाकई जानवरों और पक्षियों की इतनी चिंता है, तो फिर वो ऐसे ब्रांड्स का प्रमोशन क्यों करती हैं। सोशल मीडिया पर आलिया की स्टोरी के स्क्रीनशॉट शेयर किए गए और उन पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी गईं। कई यूजर्स ने लिखा कि जागरूकता दिखाना गलत नहीं है, लेकिन अगर वही व्यक्ति दूसरी तरफ ऐसे ब्रांड्स से जुड़ा हो, तो सवाल उठना लाजमी है।
पहली बार नहीं, पहले भी हो चुकी हैं ट्रोल
यह कोई पहली बार नहीं है जब आलिया भट्ट इस तरह के विवाद में घिरी हों। इससे पहले भी कई मौकों पर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है। सिर्फ आलिया ही नहीं, बल्कि कई बॉलीवुड सेलेब्स त्योहारों, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर पोस्ट करने के बाद यूजर्स के निशाने पर आ चुके हैं।
सोशल मीडिया पर इस तरह की बहसें अब आम हो गई हैं, जहां लोग सेलेब्रिटीज़ की हर बात को बारीकी से परखते हैं। कुछ लोग आलिया के पक्ष में भी नजर आए और कहा कि पक्षियों की सुरक्षा पर बात करना गलत नहीं है, चाहे मौका कोई भी हो। वहीं, दूसरी ओर आलोचकों का मानना है कि सेलेब्स को अपनी बात रखने से पहले सभी पहलुओं पर समान रूप से सोचनी चाहिए। फिलहाल आलिया भट्ट ने इस पूरे विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनका मकर संक्रांति वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर बहस का बड़ा मुद्दा जरूर बन गया है।
