उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। इस बार विवाद की जड़ बने हैं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के वे बयान, जिनमें उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने का दावा किया। आगरा में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए इस बयान ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी। केशव मौर्य ने कहा कि सपा के कई विधायक बीजेपी के साथ आना चाहते हैं, लेकिन पार्टी उन्हें लेना नहीं चाहती। इस बयान को सपा ने सीधे तौर पर राजनीतिक दबाव और भ्रम फैलाने की कोशिश बताया। बयान सामने आते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी और पलटवार करते हुए सवाल खड़ा कर दिया कि “पहले यह बताइए कि बीजेपी आपके संपर्क में है या नहीं?” इस एक सवाल ने पूरे राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र को ही बदल दिया और मामला और ज्यादा दिलचस्प हो गया।
अखिलेश यादव का पलटवार और तंज
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केशव मौर्य के बयान को लेकर सिर्फ विरोध ही नहीं किया, बल्कि तंज के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “आप पहले ये साफ करें कि आप खुद बीजेपी के संपर्क में हैं या नहीं। आप मेन लाइन में हैं, साइड लाइन में हैं या पूरी तरह आउट ऑफ लाइन हो चुके हैं?” अखिलेश का यह बयान सीधे तौर पर बीजेपी के अंदरूनी समीकरणों की ओर इशारा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी नेताओं की आपसी खींचतान अब खुलकर सामने आ रही है और सपा विधायकों को लेकर दिए जा रहे बयान उसी का हिस्सा हैं। अखिलेश यादव ने साफ किया कि समाजवादी पार्टी एकजुट है और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। उनका कहना था कि बीजेपी सपा की मजबूती से घबराई हुई है और इसी वजह से इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं।
केशव मौर्य का सपा और विपक्ष पर हमला
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में सिर्फ सपा ही नहीं, बल्कि विपक्ष के अन्य नेताओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बिहार में राजनीतिक झटकों के बाद अखिलेश यादव बौखला गए हैं और 2027 में सरकार बनाने के सपने देख रहे हैं। केशव मौर्य ने दावा किया कि जनता सब देख रही है और बीजेपी की नीतियों पर भरोसा जता रही है। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल में भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से टीएमसी में घबराहट है। केशव मौर्य का कहना था कि बंगाल में बीजेपी तेजी से आगे बढ़ रही है और इसी वजह से ममता बनर्जी परेशान हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि कानून व्यवस्था के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी अपराधी को बख्शने वाली नहीं है, चाहे उसे कितना भी बड़ा राजनीतिक संरक्षण क्यों न मिला हो।
राहुल गांधी पर टिप्पणी और सियासी संदेश
अपने बयान के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने राहुल गांधी के “डबल इंजन सरकार” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन्होंने देश को लंबे समय तक पीछे धकेल दिया, आज उन्हें देश की प्रगति से परेशानी हो रही है। केशव मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी अब “एक्सपायरी डेट” वाले नेता हो चुके हैं, जिनकी बात न तो देश सुनता है और न ही उनकी अपनी पार्टी गंभीरता से लेती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद राहुल गांधी लगातार बयानबाजी कर रहे हैं, जो सिर्फ सुर्खियों में बने रहने की कोशिश है। कुल मिलाकर, केशव मौर्य के इन बयानों और अखिलेश यादव के पलटवार ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में 2027 से पहले ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है और आने वाले दिनों में यह टकराव और भी गहराने वाला है।
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