लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है, जिसने शहर के कई इलाकों में हलचल बढ़ा दी है। विमानों के सुरक्षित टेक-ऑफ और लैंडिंग में बाधा बन रहे ऊंचे मोबाइल टावर, हाई वोल्टेज बिजली के खंभे और अवैध मीट की दुकानों को अब हटाया जाएगा। यह जानकारी एयरपोर्ट पर आयोजित हवाई अड्डा पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में सामने आई, जिसकी अध्यक्षता मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की। बैठक में बताया गया कि एयरपोर्ट के आसपास मौजूद कई संरचनाएं और गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय मानकों के विपरीत हैं, जो किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। प्रशासन ने इसे बेहद गंभीर विषय मानते हुए स्पष्ट कर दिया है कि विमान यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
ऊंचे टावर और बिजली के खंभे बने खतरे की वजह
बैठक के दौरान एयरपोर्ट प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डे के आसपास कुछ मोबाइल टावर, दूरदर्शन टावर और हाई वोल्टेज विद्युत खंभों की ऊंचाई निर्धारित मानकों से अधिक है। इससे विमानों की उड़ान और लैंडिंग के समय गंभीर जोखिम पैदा हो सकता है। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि लखनऊ एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी ऊंचे मोबाइल टावरों, इमारतों पर लगे टावरों और सीढ़ियों की ऊंचाई का मापन कराया जाए। जो भी संरचनाएं मानकों के विपरीत पाई जाएंगी, उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी टावरों और हाई वोल्टेज खंभों पर इंडिकेटर ऑरेंज बॉल लाइट लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पायलटों को दूर से ही उनकी जानकारी मिल सके और किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
मीट की दुकानें और पक्षियों का बढ़ता खतरा
एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिहाज से सबसे चिंताजनक पहलू पक्षियों की बढ़ती संख्या को बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के पास चल रही तीन अवैध मीट की दुकानों से मांस के टुकड़े पक्षियों को आकर्षित करते हैं, जिससे वे रनवे तक पहुंच जाते हैं। यह स्थिति विमान संचालन के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। इसी वजह से बिना लाइसेंस चल रही इन दुकानों को हटाने के लिए नगर निगम, फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की भूमि पर फल और सब्जी की अवैध खेती भी चिंता का विषय बनी हुई है। खेती के कारण पक्षियों की ब्रीडिंग बढ़ने की आशंका है, जो भविष्य में और बड़ा खतरा बन सकती है। प्रशासन ने इस अतिक्रमण को भी जल्द हटाने के आदेश दिए हैं।
अतिक्रमण, कूड़ा और प्रतिबंधों पर सख्ती
मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी पूर्वी और उप जिलाधिकारी सरोजिनी नगर को संयुक्त टीम बनाकर स्थल का सर्वे कराने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर एयरपोर्ट की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज की जाएगी। वहीं बिजनौर रोड, बिजनौर तिराहा, रहीमाबाद और अप्रोचिंग कानपुर रोड पर कूड़े के ढेर और जलभराव की समस्या को भी गंभीर माना गया है। नगर निगम को तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही एयरपोर्ट के पांच किलोमीटर के दायरे में लेज़र लाइट के इस्तेमाल और पतंग उड़ाने पर लगे प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा, ताकि किसी भी तरह के जोखिम को समय रहते खत्म किया जा सके।
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