उत्तर प्रदेश के भदोही के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता विजय मिश्र के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के तहत उनकी करीब 100 करोड़ 25 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली गई। यह कार्रवाई महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित एक दाल मिल पर की गई, जिसे लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज के नाम से चलाया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि यह संपत्ति अपराध से कमाए गए कथित अवैध धन से बनाई गई थी। इसी आधार पर प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया।
दामाद के नाम पर चल रही थी दाल मिल
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि दाल मिल का संचालन विजय मिश्र के दामाद के नाम से किया जा रहा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि संपत्ति को दूसरे नाम पर खरीदकर उसका संचालन किया जा रहा था। इसके बाद भदोही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम महाराष्ट्र पहुंची और वहां स्थानीय अधिकारियों की मौजूदगी में कुर्की की कार्रवाई पूरी की। अधिकारियों के अनुसार, विजय मिश्र और उनके नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों की जांच के दौरान इस संपत्ति की जानकारी मिली थी। इसके बाद सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच कर कानूनी कार्रवाई की गई।
विजय मिश्र पर पहले से दर्ज हैं कई गंभीर मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विजय मिश्र के खिलाफ 70 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। उनके खिलाफ वाराणसी की एक गायिका से दुष्कर्म का मामला भी दर्ज है। फिलहाल विजय मिश्र आगरा जेल में बंद हैं। पुलिस के अनुसार, कई मामलों में अदालत उन्हें दोषी भी ठहरा चुकी है। इसी वर्ष एक अदालत ने एक मामले में विजय मिश्र समेत अन्य आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि अन्य मामलों की कानूनी प्रक्रिया अभी भी जारी है।
अवैध संपत्तियों की जांच आगे भी रहेगी जारी
प्रशासन का कहना है कि विजय मिश्र से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में कोई और संपत्ति अपराध से अर्जित धन से बनाई गई पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकार की नीति अपराध से अर्जित संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई करने की है। इसी के तहत लगातार जांच की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि कानून के दायरे में रहकर ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि अपराध से अर्जित संपत्ति का इस्तेमाल न हो सके।
