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22 साल तक कैद में रही मेरी ज़िंदगी… प्रियंका से आलिया बनी महिला ने पति पर लगाए ये गंभीर आरोप

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लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके साथ पहले भावनात्मक रूप से खेला गया और बाद में उसे मजबूरी में धर्म बदलने पर दबाव डाला गया। पीड़िता का कहना है कि वह साल 2002 में करामत डिग्री कॉलेज, निशातगंज में बीए की पढ़ाई कर रही थी, तभी उसकी मुलाकात मोहम्मद फैज वारसी नाम के युवक से हुई। शुरुआत में बातचीत दोस्ती जैसी रही, लेकिन धीरे-धीरे उसे भरोसे में लेकर रिश्ते की बात आगे बढ़ाई गई। महिला का आरोप है कि जब उसने शादी को लेकर साफ बात करनी चाही तो उस पर मानसिक दबाव बनाया गया और धार्मिक पहचान बदलने के लिए मजबूर किया गया। महिला का कहना है कि 6 जून 2003 को उसने फैज के दबाव और बहकावे में आकर मुस्लिम धर्म अपनाया और फिर शादी कर ली। इसके बाद उसका नाम प्रियंका से बदलकर आलिया बानो कर दिया गया। पीड़िता के मुताबिक यही वो मोड़ था, जहां से उसकी जिंदगी उसके हाथों से निकलती चली गई और वह धीरे-धीरे खुद को एक ऐसे जाल में फंसी हुई महसूस करने लगी, जहां उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था।

दस्तावेज छीने गए, पहचान बदल दी… और विरोध किया तो मारपीट

पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद पति और ससुराल वालों का व्यवहार पूरी तरह बदलने लगा। महिला के मुताबिक उससे उसके पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और जरूरी दस्तावेज छीन लिए गए ताकि वह किसी भी तरह से अपनी पुरानी पहचान या परिवार तक वापस न जा सके। उसने बताया कि शुरुआत में वह हालात को संभालने की कोशिश करती रही, लेकिन पति का स्वभाव आक्रामक होता गया और छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौज तथा मारपीट होने लगी। महिला का कहना है कि जब उसने इस व्यवहार का विरोध किया तो उसे डराया गया और कहा गया कि अब उसका कोई सहारा नहीं है। पीड़िता के अनुसार, बच्चों के जन्म के बाद भी हालात बेहतर नहीं हुए बल्कि जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ-साथ दबाव और ज्यादा हो गया। महिला का आरोप है कि पति ने उसे मानसिक रूप से कमजोर करने के लिए उसे लगातार अपमानित किया और कई बार धमकियां भी दी गईं। वह बताती है कि उसे ऐसा महसूस कराया गया कि वह सिर्फ एक “कैदी” है, जिसकी जिंदगी का फैसला कोई और कर रहा है। पीड़िता का कहना है कि लंबे समय तक डर और मजबूरी में वह सबकुछ सहती रही, क्योंकि उसे अपने बच्चों की चिंता थी और वह चाहती थी कि उनका भविष्य खराब न हो।

अंधेरे कमरे में बंद किया जाता था, काम का दबाव और कमाई पर कब्जा

महिला की आपबीती में सबसे गंभीर आरोप ये है कि उसे कई बार अंधेरे कमरे में बंद कर दिया जाता था। पीड़िता के अनुसार, साल 2022 के बाद उसकी परेशानी और बढ़ गई, जब पति ने उसे अलग-अलग किराए के मकानों में रखना शुरू कर दिया। महिला का दावा है कि पति उस पर बाहर काम करने का दबाव बनाता था और घरेलू खर्च का बहाना करके उसे कमाने के लिए मजबूर करता था। मजबूरी में उसने इवेंट प्लानर के तौर पर काम शुरू किया, ताकि बच्चों की जरूरतें पूरी कर सके और किसी तरह जिंदगी चलती रहे। लेकिन पीड़िता का आरोप है कि जो भी पैसा वह कमाती थी, उसे पति अपने पास रख लेता था और जरूरत के समय उसे एक-एक रुपये के लिए तरसाया जाता था। महिला कहती है कि जब उसने पैसे अपने पास रखने या काम छोड़ने की बात कही, तो उसके साथ मारपीट हुई और उसे मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की गई। पीड़िता ने दावा किया कि कई बार उसे घंटों तक बंद कमरे में रखा जाता, जहां रोशनी तक नहीं होती थी। ऐसे हालात में उसका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा और वह अंदर ही अंदर टूटती चली गई। महिला का कहना है कि यह सिर्फ घरेलू झगड़ा नहीं था, बल्कि उसके अस्तित्व और आजादी पर किया गया हमला था, जिसने उसे जिंदगी भर का दर्द दे दिया।

घर से निकाली गई महिला, बच्चों से भी दूर… पुलिस ने दर्ज किया केस

पीड़िता का आरोप है कि 28 मई 2025 को उसके साथ मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। महिला के अनुसार, उसके बच्चों को उससे अलग कर दिया गया और उन्हें कहीं छुपा दिया गया ताकि वह उनसे मिल न सके। उसने दावा किया कि जब उसने बच्चों के बारे में पूछा और मदद मांगने की कोशिश की, तो उसे जान-माल की धमकी दी गई। डर के कारण वह लगातार ठिकाने बदलकर रह रही है और खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही। महिला का कहना है कि उसके सामने सबसे बड़ा दर्द यह है कि वह अपनी संतान की आवाज तक नहीं सुन पा रही, जबकि वह सालों तक उनके लिए ही हर अपमान और मार सहती रही। इस मामले में मड़ियांव थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि महिला के लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला अब चर्चा में है क्योंकि इसमें जबरन धर्मांतरण, दस्तावेजों को कब्जे में लेने, घरेलू हिंसा, कैद जैसी गंभीर बातें सामने आई हैं। फिलहाल पुलिस जांच की दिशा में आगे बढ़ रही है और पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

 

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