उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में एक दलित महिला की बेरहमी से हत्या और उसकी बेटी के अपहरण की घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। 8 जनवरी 2026 को सुनीता नाम की महिला अपनी बेटी रूबी के साथ खेत में काम करने गई थी, तभी हथियारों से लैस आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि दबंग युवकों ने पहले युवती का अपहरण किया और विरोध करने पर मां को बुरी तरह घायल कर दिया। गंभीर हालत में महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस वारदात के बाद गांव से लेकर प्रदेश की राजनीति तक हलचल मच गई थी और पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।
48 घंटे की मशक्कत, 10 पुलिस टीमें और आखिरकार सफलता
घटना के बाद मेरठ पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की। आरोपी की तलाश के लिए जिले की अलग-अलग यूनिट्स को मिलाकर कुल 10 पुलिस टीमें बनाई गईं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, मुखबिरों की सूचना और तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस ने लगातार दबिश दी। करीब 48 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी, जब आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया और अपहृत युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने खुद युवती की बरामदगी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही थी और टीमों को साफ निर्देश थे कि किसी भी कीमत पर पीड़िता को सुरक्षित ढूंढा जाए। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।
पुलिस हिरासत में आरोपी और युवती, कोर्ट में होंगे बयान
फिलहाल आरोपी युवक और बरामद की गई युवती दोनों पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, युवती को मेडिकल जांच के बाद सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और 11 जनवरी को कोर्ट में उसके बयान दर्ज कराए जा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि इस घटना में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले को फास्ट ट्रैक पर चलाया जाएगा ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक अंजाम दी गई, साथ ही आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
राजनीति गरमाई, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस जघन्य घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई थी। विपक्षी दलों के नेताओं ने दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण को लेकर प्रदेश सरकार को जमकर घेरा और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। कई नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया, वहीं सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हुआ। पुलिस का कहना है कि वह किसी भी राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच कर रही है। अब जब आरोपी की गिरफ्तारी और युवती की बरामदगी हो चुकी है, प्रशासन ने दावा किया है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी। गांव में फिलहाल पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी तरह का तनाव या अप्रिय स्थिति न बने।
