Vrindavan News: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी सरन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। रसिक का असली नाम दीपक लोधी बताया गया है और वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे वह चार मंजिला इमारत से नीचे गिर गए, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे, मोबाइल फोन और अन्य जरूरी साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
शरीर पर चोटों के निशान, परिजनों ने जताई आपत्ति
मृतक के परिजनों की ओर से दावा किया गया है कि शरीर पर चोटों के निशान थे और धोती पर खून भी लगा था। परिवार ने आश्रम प्रबंधन पर यह आरोप भी लगाया कि उन्हें लंबे समय से रसिक से मिलने नहीं दिया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने मामले में लिखित शिकायत मिलने की बात कही है। साथ ही घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
परिवार बोला- घंटों इंतजार कराया गया
रसिक के भाई और बहन ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वे वृंदावन पहुंचे, लेकिन उन्हें काफी देर तक जानकारी नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि वे लंबे समय से रसिक से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे। परिजनों के मुताबिक, रसिक वर्ष 2024 से यहां रह रहे थे और दीक्षा लेने के बाद उनका परिवार से संपर्क काफी कम हो गया था। परिवार ने आश्रम में उनसे मुलाकात नहीं कराने को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
पुलिस जुटा रही हर सबूत
पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि रसिक इमारत से नीचे गिरे थे और प्रथम दृष्टया उनके खुद छलांग लगाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस कमरे और फोन से मिले साक्ष्यों के साथ सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच समेत अन्य रिपोर्ट सामने आने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
