अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है और सरकार पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड या कोई ठोस जानकारी है तो उसे सीधे जांच एजेंसी को उपलब्ध कराना चाहिए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा रिपोर्ट आने के बाद तथ्य सभी के सामने होंगे।
बिना जांच पूरी हुए आरोप लगाने से बचने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में जांच पूरी होने से पहले बयानबाजी से बचना चाहिए। उनके मुताबिक, अपुष्ट दावे और लगातार हो रही राजनीतिक टिप्पणियां जांच को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इस मुद्दे पर जिम्मेदारी और संयम के साथ बात की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या के विकास को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अयोध्या के विकास और उसकी बढ़ती पहचान को लेकर असहज हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं और इसे वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस तरह के मामलों को राजनीतिक रंग देकर भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी को बचाना नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाना है।
एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार, सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राम भक्तों और आम नागरिकों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया है और जांच एजेंसी सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है। जांच टीम दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर रही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल, पूरे मामले में सभी की नजरें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
