प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का भव्य उद्घाटन किया। इस स्थल पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिनका पीएम मोदी ने विधिवत अनावरण किया। उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर लखनऊ में विशेष सजावट और सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। राष्ट्र प्रेरणा स्थल को भारतीय राजनीति में राष्ट्रवाद, सेवा और आत्मसम्मान की विचारधारा का जीवंत प्रतीक बताया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, संत-महात्मा और आम नागरिक मौजूद रहे, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया।
अटल जी की सोच और डिजिटल भारत का कनेक्शन
उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व को याद किया। उन्होंने कहा कि आज जिस डिजिटल पहचान की दुनिया में भारत आगे बढ़ रहा है, उसकी नींव अटल जी के कार्यकाल में रखी गई थी। पीएम मोदी ने बताया कि अटल सरकार के समय एक विशेष पहचान कार्ड पर काम शुरू हुआ था, जिसने आगे चलकर आधार का रूप लिया और आज यह व्यवस्था पूरी दुनिया में भारत की पहचान बन चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल जी की नीतियों में तकनीक को आम आदमी से जोड़ने की स्पष्ट सोच थी, जिसका फायदा आज देश के करोड़ों नागरिकों को मिल रहा है। उन्होंने इसे मजबूत नेतृत्व और दीर्घकालिक सोच का उदाहरण बताया।
यूपी की बदली तस्वीर और पीएम मोदी का भावुक बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब यूपी की पहचान खराब कानून-व्यवस्था से जुड़ी रहती थी, लेकिन आज राज्य इस मामले में देश के लिए उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा, “मेरा सौभाग्य है कि मैं इसी यूपी से सांसद हूं।” पीएम मोदी ने राज्य में हुए बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश और रोजगार के अवसरों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारों के साझा प्रयासों से यूपी ने नई दिशा पकड़ी है। प्रधानमंत्री के इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने मंच से यूपी को विकास का मॉडल बताया।
95 करोड़ लोगों तक पहुंची योजनाएं, विपक्ष पर तंज
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर बड़े आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले केवल करीब 25 करोड़ लोग सरकारी सुरक्षा योजनाओं के दायरे में थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर लगभग 95 करोड़ तक पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बीते दशक में करोड़ों भारतीयों ने गरीबी को परास्त किया है और यह सब “सबका साथ, सबका विकास” की नीति से संभव हुआ। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस और सपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को नजरअंदाज किया, जबकि उनकी सरकार ने उसी वर्ग को प्राथमिकता दी। पीएम मोदी के इस बयान को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने पूरे कार्यक्रम को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।
