कानपुर देहात के गजनेर क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब नोन नदी में एक जिंदा मोर्टार बम मिलने की सूचना सामने आई। घटना बुधवार की बताई जा रही है। किसान नदी से पंपिंग सेट के जरिए पानी निकालकर खेतों की सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान पानी का स्तर कम होने पर नदी के किनारे एक संदिग्ध धातु जैसी वस्तु दिखाई दी। शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि यह क्या है, लेकिन जब कुछ ग्रामीण उसके करीब पहुंचे तो उन्हें शक हुआ कि यह कोई विस्फोटक सामग्री हो सकती है। देखते ही देखते यह खबर आसपास के गांवों में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और इलाके में डर और उत्सुकता का माहौल बन गया।
ग्रामीणों में मची हलचल, पुलिस को दी गई सूचना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गजनेर और जसवापुर गांव के बीच बहने वाली नोन नदी के पास मौजूद लोगों ने जब उस वस्तु को ध्यान से देखा तो मामला गंभीर लगने लगा। इसी दौरान बाजार से लौट रहे एक स्थानीय व्यक्ति ने भी वस्तु को देखा और लोगों को उससे दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोगों को बम के आसपास जाने से रोका गया। अधिकारियों ने क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए जांच शुरू कर दी। अचानक मिले इस जिंदा मोर्टार ने ग्रामीणों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए, क्योंकि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि सेना में इस्तेमाल होने वाला ऐसा हथियार नदी तक कैसे पहुंच गया।
पूर्व सैनिक ने जताई अहम संभावना
मौके पर मौजूद एक पूर्व सैनिक ने प्राथमिक तौर पर बताया कि यह वस्तु देखने में 81 एमएम मोर्टार जैसी लग रही है। मोर्टार बम का इस्तेमाल आमतौर पर सेना की इंफैंट्री यूनिट द्वारा किया जाता है। इसकी बनावट और पीछे लगे फिन को देखकर यह अनुमान लगाया गया कि यह सैन्य उपयोग का विस्फोटक हो सकता है। हालांकि अधिकारियों ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विशेषज्ञों की जांच का इंतजार करने की बात कही है। इस बीच ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कोई इसे पुराना सैन्य हथियार बता रहा है तो कोई इसके नदी में पहुंचने की वजह को लेकर सवाल उठा रहा है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहा है।
झांसी से पहुंचा बम निरोधक दस्ता, जांच जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए झांसी से बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों की टीम ने पहुंचकर मोर्टार की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह बम सक्रिय स्थिति में था या नहीं और यह नदी तक कैसे पहुंचा। पुलिस और प्रशासन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील कर रहे हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थानीय लोगों को संदिग्ध वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी गई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर नोन नदी में सेना का यह मोर्टार बम पहुंचा कैसे।
