अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस बीच बाबरी मस्जिद मामले के पुराने पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़े इस तरह के आरोप और घटनाएं निश्चित रूप से दुखद हैं, क्योंकि करोड़ों लोगों की आस्था भगवान राम से जुड़ी हुई है। अंसारी ने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक विश्वास का केंद्र है। ऐसे में मंदिर से जुड़ी किसी भी नकारात्मक घटना से लोगों की भावनाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि जो कुछ सामने आया है, उससे लोगों को दुख जरूर पहुंचा है, लेकिन इससे भगवान राम के प्रति श्रद्धा और विश्वास कम नहीं होगा।
सरकार के नए कदमों की की सराहना
इकबाल अंसारी ने इस मामले में सरकार और प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कदमों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि घटना सामने आने के बाद जो नई व्यवस्थाएं और निगरानी प्रणाली लागू की जा रही हैं, वह भविष्य के लिए सकारात्मक कदम हैं। उनके अनुसार, अगर इस तरह की व्यवस्था पहले से लागू होती तो शायद ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती। अंसारी ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल की पारदर्शिता और सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए चढ़ावे के प्रबंधन और उसकी निगरानी के लिए मजबूत नियम बनाए जाना जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद भविष्य में इस तरह की घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाएगी और लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
जांच तेज, आरोपियों से लगातार पूछताछ
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच फिलहाल तेजी से आगे बढ़ रही है। इस प्रकरण में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां चढ़ावे की कथित हेराफेरी से जुड़ी रकम और उससे खरीदी गई वस्तुओं की जानकारी जुटाने में लगी हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं और बरामदगी की प्रक्रिया भी जारी है। दूसरी ओर, मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रशासनिक बदलाव भी किए गए हैं। ट्रस्ट के प्रमुख पदों पर रहे कुछ जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे स्वीकार किए जा चुके हैं और अब चढ़ावे की गिनती तथा रिकॉर्ड रखने के लिए नई प्रणाली तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि इससे वित्तीय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
‘आस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा’
इकबाल अंसारी ने स्पष्ट कहा कि कुछ लोगों की कथित गलतियों के कारण भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था को कमजोर नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि अयोध्या सदियों से श्रद्धा और विश्वास का केंद्र रही है और आगे भी रहेगी। उनके अनुसार, जिन लोगों ने अगर कोई गलत काम किया है तो कानून अपना काम करेगा और उन्हें उसका परिणाम भी भुगतना होगा। उन्होंने लोगों से अफवाहों और भ्रम से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक तथ्यों का इंतजार करना चाहिए। अंसारी ने कहा कि यह मामला प्रशासन और कानून के दायरे में है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि मंदिर की व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, वे भविष्य में श्रद्धालुओं का विश्वास और बढ़ाने का काम करेंगे।
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