मुंबई में चल रहे बीएमसी चुनाव के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छेड़ दी है। बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी जब मुंबई के विले पार्ले इलाके में मतदान करने पहुंचीं, उसी दौरान एक बुजुर्ग मतदाता ने मतदान व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। बुजुर्ग का कहना था कि वह सुबह 7:30 बजे से वोट डालने के लिए लाइन में लगे थे, लेकिन अव्यवस्था और अव्यवस्थित प्रक्रिया के कारण उन्हें लगभग दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। यह शिकायत उन्होंने सीधे हेमा मालिनी से की, जो उस वक्त वहां मौजूद थीं। बुजुर्ग अपनी बात लगातार कहते रहे, लेकिन हेमा मालिनी बिना कोई प्रतिक्रिया दिए चुपचाप खड़ी रहीं और उनकी बातें सुनती रहीं। यही पल कैमरे में कैद हो गया और कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर बढ़ाई हलचल
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने बुजुर्ग की पीड़ा को जायज बताते हुए मतदान व्यवस्था पर सवाल उठाए, तो कुछ लोगों ने हेमा मालिनी के व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर की। एक यूजर ने लिखा कि “जब आम आदमी अपनी परेशानी बता रहा था, तब एक जनप्रतिनिधि को जवाब देना चाहिए था।” वहीं कुछ अन्य लोगों ने यह भी कहा कि किसी भी सार्वजनिक मंच पर कैमरे के सामने प्रतिक्रिया देना हर बार जरूरी नहीं होता। हालांकि, ट्रोलिंग का सिलसिला यहीं नहीं रुका। कुछ लोगों ने हेमा मालिनी को लेकर तीखे कमेंट किए और उनके सांसद होने पर भी सवाल उठाए। वायरल वीडियो ने यह बहस तेज कर दी कि क्या एक जनप्रतिनिधि का चुप रहना भी एक तरह की प्रतिक्रिया मानी जानी चाहिए या नहीं।
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हेमा मालिनी की वोटिंग के बाद अपील
हालांकि इस पूरे विवाद के बीच हेमा मालिनी ने मीडिया से बात करते हुए मुंबई के नागरिकों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की अपील जरूर की। उन्होंने कहा कि वोट देना केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। अभिनेत्री ने जोर देकर कहा कि अगर लोग अपने शहर में बेहतर जीवन चाहते हैं—जैसे साफ हवा, सुरक्षित सड़कें, ट्रैफिक से राहत और बेहतर बुनियादी सुविधाएं—तो उन्हें मतदान जरूर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही शहर आगे बढ़ सकता है। हेमा मालिनी के मुताबिक, अगर हर व्यक्ति अपने वोट का सही इस्तेमाल करे, तो मुंबई न केवल भारत बल्कि दुनिया के बेहतरीन शहरों में शामिल हो सकता है। उन्होंने सभी मतदाताओं से सही उम्मीदवार को चुनने की अपील की।
चुनावी व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस पूरी घटना ने एक बार फिर मतदान व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुजुर्ग मतदाता की शिकायत कोई अकेली घटना नहीं मानी जा रही, क्योंकि चुनाव के दौरान कई इलाकों से लंबी लाइनें, तकनीकी दिक्कतें और कर्मचारियों की कमी जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीनियर सिटिजन और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं ज़मीनी स्तर पर और मजबूत की जानी चाहिए। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने यह भी दिखा दिया कि आज के डिजिटल दौर में नेताओं और सेलिब्रिटीज की हर छोटी प्रतिक्रिया या चुप्पी भी चर्चा का विषय बन जाती है। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग और प्रशासन इस तरह की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और भविष्य में मतदाताओं को बेहतर अनुभव देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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