हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने सोमवार को एक ऐसा चेहरा खो दिया, जिसे करोड़ों लोग अपने परिवार का हिस्सा मानते थे। बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता और ही-मैन की पहचान से पहचाने जाने वाले धर्मेंद्र 89 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन की खबर सामने आते ही देशभर में शोक की लहर फैल गई। फिल्म जगत ने न सिर्फ एक महान कलाकार को खोया, बल्कि एक ऐसा व्यक्तित्व भी खो दिया जो अपनी सरलता, अपनेपन और विनम्र व्यवहार के लिए हमेशा याद किए जाते रहेंगे। धर्मेंद्र दशकों तक भारतीय सिनेमा की पहचान बने रहे और आज भी उनकी फिल्मों, संवादों और अंदाज़ को पीढ़ियाँ बड़े चाव से याद करती हैं।
धर्मेंद्र की तरह जीवन जीने वाला उनका प्रशंसक टूटकर बिखर गया
धर्मेंद्र के चाहने वालों की कोई कमी नहीं, लेकिन उनके एक विशेष प्रशंसक की कहानी लोगों का ध्यान खींचती है। यह प्रशंसक वर्षों से खुद को धर्मेंद्र के नाम, उनके अंदाज़ और जीवनशैली के साथ जोड़कर जीता रहा। उसने अपना नाम ही बदलकर धर्मेंद्र सिंह रख लिया और अपने घर में अभिनेता के सम्मान में एक छोटा मंदिर भी बनाया। हर साल उनके जन्मदिन पर पूजा और भोग आयोजित करना उसका नियम बन चुका था। वह खुद को धरम पाजी का परम भक्त मानता था और उनके हर संवाद, चाल-ढाल और पहनावे को अपने जीवन का हिस्सा बना चुका था।
उसका कहना है कि जब वह सिर्फ आठ वर्ष का था, तभी उसने पहली बार धर्मेंद्र की फिल्म देखी और उसी दिन उसके मन में यह लगाव जन्मा। समय के साथ यह प्रेम इतना गहरा हो गया कि उसने अभिनेता को न सिर्फ पर्दे पर, बल्कि अपने वास्तविक जीवन का मार्गदर्शक मान लिया। वह सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र की तरह वीडियो बनाता था और लोगों ने उसे “दूसरा धर्मेंद्र” कहकर पहचानना भी शुरू कर दिया था।
अंतिम विदाई की रस्मों को निभाने का भावुक निर्णय
अभिनेता के निधन की खबर जैसे ही इस भक्त तक पहुँची, वह गहरे सदमे में आ गया। उसके करीबी बताते हैं कि वह देर तक रोता रहा और उसके घर का माहौल पूरी तरह शोक में डूब गया। यह वही व्यक्ति है जिसकी धर्मेंद्र से वर्षों पहले “यमला पगला दीवाना” के सेट पर मुलाकात भी हुई थी। उस मुलाकात की यादें आज भी वह गर्व से बताता है — कैसे धर्मेंद्र ने उसे अपने साथ बैठाकर खाना साझा किया, बातें कीं और उसे अपने जीवन पर बनने वाली किसी फिल्म में एक छोटा किरदार देने का भरोसा भी दिलाया था।
प्रशंसक ने बताया कि समय-समय पर उसकी फोन पर धर्मेंद्र से बात भी होती रहती थी और उनकी सलाह पर ही उसने विवाह करने का निर्णय लिया था। अभिनेता के निधन के बाद उसने यह भी घोषणा की है कि वह उनके सम्मान में होने वाली सभी अंतिम रस्मों में शामिल रहेगा और अपने स्तर पर गुरुद्वारे में अरदास भोग भी करवाएगा। उसके अनुसार, यह उसकी ओर से अपने प्रिय कलाकार के प्रति श्रद्धांजलि का तरीका है।
उसका कहना है कि धर्मेंद्र उसके लिए केवल एक फिल्मी सितारा नहीं थे, बल्कि जीवन की प्रेरणा और सहारा थे। उनकी सरलता और मानवता ने उसे हमेशा प्रभावित किया और वही मूल्य उसने अपने जीवन में अपनाए। अभिनेता के न रहने से उसका मन टूट गया है, पर वह मानता है कि धर्मेंद्र का प्रभाव और उनका दिया हुआ प्रेम हमेशा उसके जीवन का हिस्सा बना रहेगा।
