असम के नगांव जिले के कतिमारी स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) कैंप में सोमवार को हुई गोलीबारी की घटना ने सभी को हैरान कर दिया। कैंप के अंदर एक एएसआई ने अचानक अपनी सर्विस राइफल से साथी जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद एएसआई ने कथित तौर पर खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी जान चली गई। इस पूरी घटना में एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद पूरे कैंप में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई।
घायल जवान का अस्पताल में इलाज जारी
जानकारी के अनुसार, गोलीबारी में जवान रामनवल सिंह यादव और विष्णु प्रसाद बघेल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं, घायल जवान गोविंद श्रीपुल को तुरंत नगांव के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद कैंप में मौजूद अन्य जवानों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया, ताकि किसी भी तरह की दूसरी अप्रिय घटना न हो।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, हर पहलू की हो रही जांच
गोलीबारी की सूचना मिलते ही CRPF के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और जरूरी सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। मृत जवानों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल अधिकारियों ने घटना के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। शुरुआती जांच में व्यक्तिगत विवाद, मानसिक तनाव, ड्यूटी से जुड़ी परेशानी या अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असली वजह सामने आएगी।
घटना ने सुरक्षा बलों में बढ़ाई चिंता
इस दर्दनाक घटना के बाद CRPF और अन्य सुरक्षा बलों में शोक का माहौल है। साथ ही इस घटना ने जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर तनाव जैसे मुद्दों को भी चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले सुरक्षा कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी नियमित ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, इस मामले में अभी किसी भी कारण की पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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