उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। राज्य के तीन प्रमुख धार्मिक शहरों मथुरा, अयोध्या और वाराणसी (काशी) के मंदिरों को बम धमाकों से उड़ाने की धमकी मिली है। इतना ही नहीं, धमकी भरे ई-मेल में स्कूलों और पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। ई-मेल में 8 नवंबर से 27 नवंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर धमाके करने की चेतावनी दी गई है। दिवाली के दिन सुबह 9:11 से 11:11 बजे के बीच मंदिर में विस्फोट करने की बात भी लिखी गई है। धमकी की जानकारी सामने आते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन धमकियों के पीछे कौन है और क्या किसी बड़ी साजिश की तैयारी की जा रही है?
मथुरा से अयोध्या तक मंदिरों को निशाना बनाने की धमकी
धमकी भरे ई-मेल में उत्तर प्रदेश के कई संवेदनशील धार्मिक स्थलों का जिक्र किया गया है। इनमें मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन का प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर, अयोध्या के प्रमुख मंदिर और काशी के धार्मिक स्थल शामिल बताए जा रहे हैं। धमकी मिलने के बाद इन सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मथुरा में मंदिर परिसरों के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। पुलिसकर्मी संदिग्ध व्यक्तियों और सामान की जांच कर रहे हैं। धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
स्कूलों और दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को भी धमकी
इस पूरे मामले में चिंता की एक और वजह यह है कि धमकी केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं है। ई-मेल में स्कूलों और पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रमों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। धमकी में बम और आईईडी विस्फोट का जिक्र किया गया है। इससे सार्वजनिक कार्यक्रमों और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूलों और अन्य संवेदनशील स्थानों को मिले संदेशों की गंभीरता से जांच की जा रही है। वहीं, दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां संबंधित सूचनाओं की पड़ताल कर रही हैं। त्योहारों और मनोरंजन कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। हालांकि, धमकी में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजा गया ई-मेल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमकी भरे ई-मेल में कथित तौर पर ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ से जुड़े कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें इंजीनियर गुरुनख सिंह, रौनक शाहवाला और डॉ. गुरुनिरवर सिंह खानरजादा का उल्लेख किया गया है। हालांकि, केवल ई-मेल में नाम लिखे होने से उनकी संलिप्तता साबित नहीं होती। इस मामले में उत्तर प्रदेश एटीएस और साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां ई-मेल कहां से भेजा गया, इसका तकनीकी स्रोत क्या है और इसके पीछे कौन लोग हैं, इन सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं यह किसी संगठित नेटवर्क की साजिश तो नहीं है या फिर लोगों में डर फैलाने के उद्देश्य से ऐसा संदेश भेजा गया है।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की तैनाती
धमकी के बाद मथुरा, वृंदावन, अयोध्या और काशी में सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच की जा रही है। पुलिस सार्वजनिक स्थानों, मंदिरों के आसपास और रेलवे स्टेशनों पर विशेष चेकिंग अभियान चला रही है। दूसरी ओर, साइबर टीम ई-मेल से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाने में लगी है। सुरक्षा एजेंसियों के सामने फिलहाल दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, धमकी भेजने वालों की पहचान करना और दूसरी, जिन स्थानों का जिक्र किया गया है, वहां सुरक्षा को पूरी तरह मजबूत रखना। जांच पूरी होने तक किसी भी धमकी को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। अब देखना होगा कि जांच में इस कथित धमकी के पीछे किसका हाथ सामने आता है।
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