उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम प्रसंग के चलते एक महिला शिक्षिका की बेरहमी से हत्या कर दी गई। चौरी-चौरा इलाके के नई बाजार स्थित वीएन सेंट्रल एकेडमी में पढ़ाने वाली शिक्षिका रानी विश्वकर्मा की हत्या का आरोप उसी स्कूल के प्रबंधक विजय निषाद पर लगा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले से शादीशुदा था और दो बच्चों का पिता था, इसके बावजूद वह मृतका के संपर्क में था। पुलिस अब इस पूरे खौफनाक घटनाक्रम की गहराई से कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
शादी के दबाव ने ली जान, कार के अंदर रची गई खौफनाक साजिश
मृतका रानी विश्वकर्मा गोरखपुर जिले के झंगहा थाना क्षेत्र के खुरुहरी गांव की रहने वाली थी और वीएन सेंट्रल एकेडमी में बच्चों को पढ़ाती थी। पुलिस के मुताबिक, स्कूल के प्रबंधक विजय निषाद के साथ उसके नजदीकी संबंध बन गए थे। हालांकि, विजय पहले से ही शादीशुदा था और पारिवारिक जिम्मेदारियों में बंधा हुआ था। इसके बावजूद रानी लगातार उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। 31 अक्टूबर की सुबह करीब 8:30 बजे रानी स्कूल पहुंची और एक बार फिर शादी का मुद्दा उठाया। जब बात नहीं बनी, तो आरोपी उसे बहला-फुसलाकर कार में बैठाकर मीठा बेल गांव के पास एक सुनसान रास्ते पर ले गया, जहां उसने कार की सीट पर ही रानी का गला घोंटकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर दी।
कत्ल के बाद लाश को डिग्गी में छुपाकर दिनभर शहर में काटता रहा चक्कर
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी विजय निषाद ने घिनौनी चालाकी दिखाते हुए शव को ठिकाने लगाने के लिए शाम होने का इंतजार किया। इस दौरान उसने मृतका के शव को अपनी कार की डिग्गी में रखकर छुपा दिया और किसी को शक न हो, इसलिए वह दिनभर शव को साथ लेकर शहर और आसपास के इलाकों में बेखौफ घूमता रहा। उसने चौरी-चौरा की तरफ भी चक्कर काटे। सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने रास्ते में ही मृतका का मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिया और उसका एटीएम कार्ड भी रास्ते में ही गायब कर दिया ताकि पुलिस या किसी अन्य को उसकी लोकेशन और गतिविधियों का तुरंत सुराग न मिल सके।
रुद्रपुर में फेंका शव, पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश
शाम ढलने के बाद आरोपी ने देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले श्रीनेत ग्लोबल स्कूल के पास सुनसान जगह देखकर कार की डिग्गी से शव को बाहर फेंका और मौके से फरार हो गया। अगले दिन सुबह जब पुलिस को शव मिला, तो उसकी शिनाख्त रानी विश्वकर्मा के रूप में हुई। पुलिस ने फौरन मामले की गंभीरता को समझते हुए तफ्तीश शुरू की और कॉल डिटेल, रूटमैप तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी विजय निषाद को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
