मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नाबालिग की हत्या के मामले में जेल में बंद मान सिंह उर्फ बेटू को जमानत मिलने के बाद उसके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। जेल से बाहर निकलते ही उसे फूल-मालाएं पहनाई गईं और फिर समर्थकों के साथ शहर में जुलूस निकाला गया। बताया जा रहा है कि मान सिंह इस मामले में करीब 14 महीने से जेल में बंद था। जमानत पर रिहाई के बाद निकले इस जुलूस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बोलेरो के बोनट पर बैठकर पी सिगरेट
वायरल वीडियो में मान सिंह चलती बोलेरो के बोनट पर बैठा दिखाई दे रहा है। उसके हाथ में सिगरेट भी नजर आ रही है। गाड़ी के पीछे बड़ी संख्या में बाइक सवार समर्थक चलते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि काफिले में शामिल लोग नारेबाजी करते हुए शहर की सड़कों से गुजरे। इस दौरान आरोपी का अंदाज किसी फिल्मी किरदार जैसा नजर आया। चलती गाड़ी के बोनट पर बैठकर सफर करना न केवल सड़क सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है, बल्कि यातायात नियमों का भी उल्लंघन हो सकता है। वीडियो सामने आने के बाद इस पूरे घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है।
कोलगवां थाने के सामने से गुजरा काफिला
जानकारी के मुताबिक, यह जुलूस सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र से होते हुए सिद्धार्थ नगर पहुंचा, जहां आरोपी का इलाका बताया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि काफिला कोलगवां थाने के सामने से भी गुजरा। इसके बावजूद मौके पर पुलिस की ओर से जुलूस को रोकने या यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। इसी वजह से स्थानीय लोगों के बीच पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामले के आरोपी के स्वागत में इस तरह सड़क पर काफिला निकालना कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती जैसा है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, जमानत पर जेल से बाहर आने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी को अपने खिलाफ दर्ज मामले में दोषमुक्त कर दिया गया है। नाबालिग की हत्या के मामले में मान सिंह और उसके साथियों पर लगे आरोपों का फैसला अदालत में होना बाकी है। अब सवाल यह है कि पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी और उसके समर्थकों की पहचान कर यातायात नियमों के उल्लंघन तथा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े मामलों में कोई कार्रवाई करती है या नहीं। फिलहाल इस घटना ने सतना में कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
