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1 नवंबर को मौसम का बड़ा उलटफेर! 13 राज्यों में बारिश और 80 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, जानिए आपके शहर का हाल

मौसम विभाग ने 13 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। जानिए यूपी, बिहार, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में अगले 5 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम।

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देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। नवंबर की शुरुआत कई राज्यों के लिए बारिश और तेज हवाओं के साथ हो सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 1 नवंबर को देश के 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है, जिनकी रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस मौसमी बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में सक्रिय मौसम प्रणाली को प्रमुख वजह माना जा रहा है। दक्षिणी अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, इसके 31 अक्टूबर के आसपास डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई थी। इसके असर से दक्षिण भारत के साथ मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी बादल बरस सकते हैं। ऐसे में लोगों को यात्रा और बाहरी गतिविधियों की योजना बनाते समय मौसम की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

यूपी-बिहार से लेकर ओडिशा और मध्य प्रदेश तक बारिश की संभावना

1 नवंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार में मौसम का असर दिखाई दे सकता है। इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है। इसके बाद 2 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, रायलसीमा, केरल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। खास बात यह है कि तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 3 नवंबर को भी आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं 4 और 5 नवंबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, ओडिशा, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। यानी नवंबर के शुरुआती पांच दिन कई राज्यों के लिए मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं।

दिल्ली से यूपी और बिहार तक जानिए कैसा रहेगा मौसम का हाल

राजधानी दिल्ली में 1 नवंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि, यहां भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। तापमान की बात करें तो अधिकतम पारा करीब 29 डिग्री और न्यूनतम 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। उत्तर प्रदेश में भी मौसम में कुछ राहत मिलने के संकेत हैं। पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में 1 और 2 नवंबर को हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि पश्चिमी यूपी में बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। बिहार में 1 से 5 नवंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि, राज्य में भारी बारिश का विशेष अलर्ट नहीं दिया गया है। मौसम विभाग ने पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने के कम से मध्यम जोखिम की चेतावनी भी दी है। मध्य प्रदेश में 1 से 4 नवंबर के बीच कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 2 नवंबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

उत्तराखंड-हिमाचल में भी बदलेगा मौसम, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का खतरा

पहाड़ी राज्यों में भी नवंबर की शुरुआत मौसम के उतार-चढ़ाव के साथ हो सकती है। उत्तराखंड में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं हिमाचल प्रदेश में 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, 1 और 2 नवंबर के लिए इन दोनों राज्यों में भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट नहीं बताया गया है। दूसरी तरफ, दक्षिण भारत के लिए अगले कुछ दिन ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकते हैं। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा मौसमी सिस्टम तटीय आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ सकता है, जिसके प्रभाव से 2 और 3 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तेज हवाओं, बिजली गिरने और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेष रूप से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों, वाहन चालकों और समुद्र तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि अगले पांच दिनों तक मौसम की स्थिति को देखते हुए अपनी यात्रा और रोजमर्रा के कामों की योजना बनाएं।

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