बिहार की राजनीति में अनंत सिंह और उनके परिवार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मोकामा विधायक अनंत सिंह पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) की कार्रवाई के बीच अब उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी (Neelam Devi) को भी सरकारी स्तर पर बड़ा झटका लगा है। बिहार सरकार ने नीलम देवी (Neelam Devi) को आवंटित सरकारी आवास खाली करने का आदेश जारी किया है। भवन निर्माण विभाग की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार, उन्हें पटना के 1, मॉल रोड स्थित बंगले को 25 नवंबर 2026 तक खाली करना होगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि नीलम देवी को मिली अन्य सरकारी सुविधाओं पर भी इसका क्या असर पड़ेगा।
किस पद के कारण मिला था सरकारी बंगला?
नीलम देवी (Neelam Devi) को बिहार सरकार की राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया था। इस पद के साथ उन्हें उप मंत्री के स्तर का दर्जा प्राप्त था। इसी हैसियत के आधार पर उन्हें राजधानी पटना में सरकारी आवास उपलब्ध कराया गया था। सरकारी पद और उससे जुड़ी सुविधाओं के कारण यह आवास उन्हें आवंटित किया गया था। अब संबंधित विभाग ने उनके मनोनयन को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। पद समाप्त होने के बाद सरकारी बंगले पर उनका अधिकार भी प्रभावित हुआ है, जिसके चलते आवास खाली करने का निर्देश जारी किया गया है।
सरकार ने मनोनयन रद्द कर लिया फैसला
नीलम देवी (Neelam Devi) के मामले में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में उनके सदस्य पद पर किए गए मनोनयन को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इसके बाद भवन निर्माण विभाग ने सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की। आदेश में 25 नवंबर 2026 की समयसीमा तय की गई है। इस घटनाक्रम को अनंत सिंह से जुड़े हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सरकारी पद समाप्त होने और आवास खाली करने के आदेश की पुष्टि तो दी गई है, लेकिन अन्य सुविधाओं को लेकर अलग-अलग कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सरकारी गाड़ी और सुरक्षा पर भी उठ रहे सवाल
नीलम देवी (Neelam Devi) का मनोनयन रद्द होने के बाद सरकारी बंगले के साथ-साथ गाड़ी और सुरक्षा जैसी सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उप मंत्री का दर्जा मिलने के कारण उन्हें कुछ सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हो सकती थीं, लेकिन उन्हें वापस लेने के संबंध में अलग आदेश या आधिकारिक पुष्टि सामने आना जरूरी है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि उनकी सभी सुविधाएं पूरी तरह समाप्त कर दी गई हैं। आने वाले दिनों में सरकार के संबंधित विभागों की ओर से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि नीलम देवी (Neelam Devi) का समिति में मनोनयन रद्द कर दिया गया है और उन्हें निर्धारित तारीख तक सरकारी आवास खाली करने का निर्देश मिला है।
