प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने इस बयान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक बहस में भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले में अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय बयान को सही ठहराने की कोशिश कर रही है। उनके इस रुख के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।
खरगे की टिप्पणी पर राजनाथ सिंह ने जताई नाराजगी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इस तरह की भाषा सार्वजनिक जीवन में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति से अधिक संयम और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है। राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के मुताबिक, प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर की गई टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित न मानते हुए भारतीय राजनीति की गरिमा से जुड़ा मुद्दा बताया। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाए।
#WATCH | Delhi: On Mallikarjun Kharge’s remarks, Defence Minister Rajnath Singh says, “I believe this is not merely an insult to an individual or a family, but it is an attack on sanctity of Indian politics. In a democracy, you may register your opposition, question policies, and criticize the government—but please, do not cross the boundaries of personal decorum. That is what I would like to suggest. Today, the Congress has experienced not just a political decline, but, in my view, an ideological one as well. The Congress should remember that in a democracy, the public keeps track of everything and, when the time comes, provides a fitting response. I wish to make it clear to the Congress that Prime Minister Modi cannot be swayed by such remarks, nor can his resolve to serve the people be weakened in any way.”
— ANI (@ANI) October 26, 2026
‘सरकार का विरोध करें, लेकिन भाषा की मर्यादा रखें’
राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि विपक्ष को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और उसके फैसलों की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत सीमाओं का ध्यान रखना चाहिए। उनके अनुसार, असहमति को निजी टिप्पणी में बदलना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी के नेता राजनीतिक आलोचना करते समय मर्यादा से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करने के लिए कई मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन किसी के परिवार को निशाना बनाना उचित नहीं है।
कांग्रेस पर वैचारिक पतन का आरोप
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कांग्रेस की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी का वैचारिक स्तर लगातार गिर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनकी मां को लेकर पहले भी विवादित टिप्पणियां सामने आती रही हैं। राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के मुताबिक, मौजूदा विवाद में कांग्रेस नेताओं का बयान का बचाव करना स्थिति को और गंभीर बनाता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अपने शब्दों के प्रभाव को समझना चाहिए। हालांकि, इस मामले में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और उसके नेताओं का पक्ष भी राजनीतिक बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पीएम मोदी के संकल्प का जिक्र कर कांग्रेस को दिया संदेश
राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के संकल्प को कमजोर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाया कि लोकतंत्र में जनता राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के व्यवहार पर नजर रखती है। उनके अनुसार, सरकार की आलोचना करना और व्यक्तिगत अपमान करना दो अलग-अलग बातें हैं। इस विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक संवाद में भाषा और मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी आगे किस दिशा में बढ़ती है।
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