मुंबई से बॉलीवुड जगत को लेकर एक चिंताजनक खबर सामने आई है। अभिनेता अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और पंजाबी गायक एवं अभिनेता दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) को बम हमले की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संबंध में मुंबई की मेयर रितु तावड़े को एक धमकी भरा ईमेल मिला है। ईमेल में दोनों कलाकारों को निशाना बनाने की बात कही गई है।
इस सूचना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईमेल की सामग्री और उसे भेजने वाले की पहचान की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि धमकी देने वाला व्यक्ति कौन है और उसके दावों के पीछे कितनी सच्चाई है। ऐसे में जांच पूरी होने तक किसी भी दावे को पुष्ट तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
अमिताभ के जलसा बंगले को लेकर क्या लिखा गया ईमेल में?
रिपोर्ट के अनुसार, धमकी भरे संदेश में अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के मुंबई स्थित आवास ‘जलसा’ का उल्लेख किया गया है। ईमेल भेजने वाले ने 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच बंगले को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। संदेश में 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार और उसके बाद हुए सिख विरोधी दंगों का भी जिक्र किया गया है। ईमेल में इस्तेमाल की गई भाषा से राजनीतिक और सामुदायिक तनाव से जुड़ी मंशा का संकेत मिलता है,
लेकिन भेजने वाले की पहचान और उसके इरादों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि संदेश किसी वास्तविक खतरे से जुड़ा है या लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश है। सुरक्षा के लिहाज से ऐसी धमकियों को गंभीरता से लिया जाता है और संबंधित स्थानों की जांच के साथ डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल भी अहम होती है।
दिलजीत दोसांझ को महालक्ष्मी रेस कोर्स में निशाना बनाने की बात
इस मामले में दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) का नाम भी सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईमेल में दावा किया गया कि 27 नवंबर को मुंबई के महालक्ष्मी रेस कोर्स में उन्हें बम हमले और आत्मघाती हमले के जरिए निशाना बनाया जाएगा। संदेश में अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के पैर छूने की घटना को दिलजीत के खिलाफ धमकी देने की वजह बताया गया है। ईमेल में खालिस्तान समर्थक नारे होने और खालिस्तान नेशनल आर्मी तथा बब्बर खालसा की ओर से कथित जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया गया है।
हालांकि, इन संगठनों की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। किसी संगठन का नाम संदेश में लिखा होना अपने आप में उसकी भूमिका का प्रमाण नहीं है। जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत, उसमें किए गए दावों और संभावित खतरे से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। फिलहाल, धमकी को लेकर सामने आई जानकारी और पुलिस की ओर से प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर समझना जरूरी है।
मुंबई के स्कूलों को भी मिले धमकी भरे ईमेल
इसी बीच मुंबई के दादर इलाके के करीब चार स्कूलों को भी शुक्रवार सुबह धमकी भरे ईमेल मिलने की खबर है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने स्कूल परिसरों की तलाशी ली। रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। मुंबई पुलिस ने बीएमसी कार्यालय को मिले धमकी भरे ईमेल के संबंध में भी बताया कि जांच में कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली और आगे की पड़ताल जारी है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में गोलीबारी की घटना को लेकर भी चर्चा है। हालांकि, दोनों मामलों के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब धमकी भरे संदेश भेजने वालों का पता लगाने और उनकी मंशा समझने में जुटी है। फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि इन ईमेल के पीछे कौन है और क्या ये केवल दहशत फैलाने की कोशिश है। इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
