उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसा सनसनीखेज और दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आए है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल पसीज जाएगा। आमतौर पर करवाचौथ का त्योहार पति-पत्नी के अटूट रिश्ते और प्रेम का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस पावन पर्व से ठीक पहले एक ऐसी घटना घटी जिसने समाज की नींव को हिलाकर रख दिया है। जिले के एक इलाके में पांच बच्चों की मां और तीन बच्चों का पिता अपने-अपने हंसते-खेलते परिवारों को छोड़कर रातों-रात गायब हो गए। इस अजीबोगरीब और चौंकाने वाली घटना के बाद से दोनों के घरों में सन्नाटा पसरा हुआ है, और पीछे छूटे कुल 8 मासूम बच्चों की सिसकियों से माहौल गमगीन हो गया है। इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में आग की तरह फैल चुकी है और हर कोई यही सोच रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि इन्होंने अपने ही खून को इस तरह बेसहारा छोड़ दिया।
ऐसे परवान चढ़ा प्यार, घर से गायब होने की पूरी दास्तान
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बाराबंकी जिले के नवाबगंज तहसील क्षेत्र का है। स्थानीय सूत्रों और पुलिस को दी गई जानकारियों के मुताबिक, पिछले दिनों ये दोनों अचानक अपने-अपने घरों से रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। शुरुआती जांच और चर्चाओं में यह बात सामने आई है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बताया जा रहा है कि अमित गुप्ता नाम का व्यक्ति, जिसके तीन बच्चे हैं, वह घर-घर जाकर सामान की सप्लाई का काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात नीलम नाम की महिला से हुई, जिसके पांच बच्चे हैं। धीरे-धीरे दोनों के बीच मुलाकातों का सिलसिला बढ़ा और यह जान-पहचान प्यार में बदल गई। प्यार के इस परवान ने इन्हें इस हद तक अंधा कर दिया कि उन्होंने सामाजिक मर्यादाओं और अपने ही बच्चों के भविष्य को ताक पर रखकर यह बड़ा कदम उठा लिया। इतना ही नहीं, परिजनों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि जाते वक्त वे घर में रखे जरूरी रुपये और कीमती जेवर भी अपने साथ समेट ले गए हैं।
अभागे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल, अधर में लटका मासूमों का भविष्य
इस घटना का सबसे दर्दनाक और करुण पहलू यह है कि इसके केंद्र में वे 8 मासूम बच्चे हैं जिनका इस गलती से कोई वास्ता नहीं था। दोनों परिवारों को मिलाकर कुल आठ छोटे-छोटे बच्चे अब पूरी तरह से बेसहारा हो चुके हैं। घर में कमाने वाला और सही देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा है, जिससे इन बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी और पढ़ाई बुरी तरह तबाह हो गई है। कोई बच्चा अपनी मां की याद में आंसू बहा रहा है, तो कोई अपने पिता के लौटने का इंतजार करते-करते थक चुका है। खाने-पीने की किल्लत और अपनों के साये से दूर होने के कारण इन बच्चों की मानसिक स्थिति पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। समाज के इस क्रूर सच ने इन मासूमों के भविष्य को पूरी तरह से अंधकारमय बना दिया है, जिन्हें यह तक समझ नहीं आ रहा कि उनके माता-पिता अचानक उन्हें इस तरह अकेला क्यों छोड़ गए।
पुलिस तलाश में जुटी, लगातार बंद आ रहे मोबाइल फोन बढ़ा रहे मुश्किलें
घटना के सामने आने के बाद से दोनों पक्षों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। पीड़ित परिजनों ने स्थानीय पुलिस थाने का दरवाजा खटखटाया है और न्याय की गुहार लगाते हुए अपने-अपने जीवनसाथी की तलाश करने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाराबंकी पुलिस एक्शन मोड में आ गई है और दोनों की तलाश में जुट गई है। हालांकि, पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह बनी हुई है कि दोनों के मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहे हैं, जिससे उनकी डिजिटल लोकेशन को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो गया है। पुलिस मुखबिरों की मदद और अन्य तकनीकी साधनों के जरिए उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इलाके में इस सनसनीखेज वाकये को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि पुलिस जल्द से जल्द इस मामले का पर्दाफाश करे ताकि उन 8 मासूम बच्चों को उनका सहारा वापस मिल सके।
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