दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जंतर-मंतर पर अचानक प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह करीब 9 बजे सीजेपी के प्रमुख नेता आशुतोष रांका और सौरव दास अपने समर्थकों के साथ हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर पहुंचे और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे लगाने लगे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस पूरी घटना के बाद से राजधानी का सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है और सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन की सूची से हटाने पर फूटा गुस्सा
यह पूरा विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब सरकार ने हाल ही में जंतर-मंतर को आधिकारिक तौर पर विरोध प्रदर्शन करने वाली जगहों की सूची से हटा दिया है। सीजेपी नेताओं ने इस फैसले पर तीखी नाराजगी जताई है। पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह कार्रवाई मौजूदा सरकार के डर को साफ तौर पर दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा लगता है कि जंतर-मंतर को बंद करने से विरोध की आवाजें थम जाएंगी, लेकिन ऐसा होना नामुमकिन है। पुलिस द्वारा रोके जाने के बावजूद सीजेपी नेताओं ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी शेयर किए जा रहे हैं।
कुछ दिन पहले एयरपोर्ट से भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
सीजेपी और दिल्ली पुलिस के बीच तनाव का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी सीजेपी ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। उस दौरान पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट से ही हिरासत में ले लिया था। सिर्फ यही नहीं, उस दिन सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने राजधानी की अलग-अलग जगहों से 7000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रशासन विपक्षी दलों और छोटे राजनीतिक संगठनों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है।
सोशल मीडिया पर गूंज और आगे की सियासी हलचल
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम के बाद से कॉकरोच जनता पार्टी के तेवर और अधिक आक्रामक हो गए हैं। आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में रोष देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर अभिजीत दीपके द्वारा शेयर की गई आशुतोष रांका की तिरंगे के साथ तस्वीर को पार्टी समर्थक जमकर शेयर कर रहे हैं और पुलिसिया कार्रवाई की निंदा कर रहे हैं। जिस प्रकार से सरकार द्वारा विरोध स्थलों को सीमित किया जा रहा है और लगातार नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है, उससे आने वाले दिनों में दिल्ली की राजनीति में और तीखा टकराव देखने को मिल सकता है।
